Samsung की Samsung Galaxy Watch6 को लेकर एक नई रिसर्च ने टेक दुनिया का ध्यान खींचा है। दावा किया गया है कि एआई तकनीक से लैस स्मार्टवॉच भविष्य में किसी व्यक्ति के बेहोश होने या अचानक तबीयत बिगड़ने के खतरे का अंदाजा पहले ही लगा सकती है। रिसर्च के मुताबिक, यह तकनीक संभावित खतरे को लगभग 5 मिनट पहले पहचानकर यूजर को चेतावनी दे सकती है।
अब तक स्मार्टवॉच का इस्तेमाल मुख्य रूप से स्टेप्स गिनने, हार्ट रेट ट्रैक करने, नींद की निगरानी और फिटनेस रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता रहा है। लेकिन नई एआई आधारित तकनीक इन डिवाइसेज को हेल्थ सेफ्टी के एक नए स्तर तक ले जा सकती है।
रिसर्च में बताया गया है कि स्मार्टवॉच लगातार शरीर से जुड़े कई संकेतों — जैसे हार्ट रेट, ब्लड ऑक्सीजन, त्वचा का तापमान, तनाव स्तर और शरीर की गतिविधियों — को ट्रैक करती है। एआई इन आंकड़ों का विश्लेषण करके शरीर में होने वाले असामान्य बदलावों को पहचान सकती है। यदि सिस्टम को लगता है कि यूजर बेहोश हो सकता है या उसकी स्थिति गंभीर हो सकती है, तो घड़ी पहले से अलर्ट भेज सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक खासतौर पर बुजुर्गों, दिल के मरीजों और अकेले रहने वाले लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। समय रहते चेतावनी मिलने पर व्यक्ति खुद को सुरक्षित जगह पर ले जा सकता है या तुरंत मदद मांग सकता है।
हालांकि, रिसर्च अभी शुरुआती चरण में बताई जा रही है और इसे पूरी तरह व्यावहारिक बनाने के लिए और परीक्षण किए जा रहे हैं। वैज्ञानिक यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि एआई गलत अलर्ट न भेजे और वास्तविक खतरे की स्थिति को सही तरीके से पहचान सके।
टेक विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में स्मार्टवॉच सिर्फ फिटनेस गैजेट नहीं रहेंगी, बल्कि वे “पर्सनल हेल्थ गार्ड” की भूमिका निभा सकती हैं। एआई और हेल्थ टेक्नोलॉजी का यह मेल स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव ला सकता है।
अगर यह तकनीक सफल होती है, तो भविष्य में आपकी कलाई पर बंधी स्मार्टवॉच सिर्फ समय नहीं बताएगी, बल्कि संभावित खतरे से पहले आपकी जान बचाने का काम भी कर सकती है।
.jpg)
0 टिप्पणियाँ