असम में मंगलवार को नई सरकार के गठन के साथ ही
Himanta Biswa Sarma ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ चार अन्य नेताओं —
Atul Bora,
Chandan Brahma,
Rameswar Teli और
Ajanta Neog — ने भी मंत्री पद की शपथ लेकर नई कैबिनेट में जगह बनाई। इन सभी नेताओं को राजनीति और प्रशासन का लंबा अनुभव हासिल है, जिसके चलते नई सरकार में उन्हें अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कैबिनेट में शामिल अतुल बोरा को राज्य के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है। वह असम गण परिषद (AGP) के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं और लंबे समय से राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। संपत्ति के मामले में भी वह इस नई कैबिनेट के सबसे अमीर मंत्री माने जा रहे हैं। उनकी राजनीतिक पकड़ खासतौर पर अपर असम के इलाकों में मजबूत मानी जाती है। बोरा इससे पहले भी राज्य सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल चुके हैं।
वहीं, चरण बोरो को बोडोलैंड क्षेत्र की राजनीति का मजबूत चेहरा माना जाता है। वह लंबे समय से क्षेत्रीय मुद्दों और जनजातीय समुदायों की आवाज उठाते रहे हैं। उनके मंत्री बनने से सरकार को बोडोलैंड क्षेत्र में राजनीतिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका अनुभव सरकार के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
रामेश्वर तेली भी असम की राजनीति का बड़ा नाम हैं। वह पहले केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं और संगठनात्मक क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं। चाय बागान और श्रमिक समुदायों के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। बीजेपी ने उन्हें एक अनुभवी और भरोसेमंद चेहरे के रूप में कैबिनेट में शामिल किया है।
नई कैबिनेट में अजंता न्योग का शामिल होना भी खास माना जा रहा है। वह छह बार विधायक रह चुकी हैं और राज्य की वरिष्ठ महिला नेताओं में उनकी गिनती होती है। वित्त और प्रशासनिक मामलों की अच्छी समझ रखने वाली अजंता न्योग पहले भी कई अहम विभाग संभाल चुकी हैं। उनके अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि सरकार में उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है।
नई कैबिनेट में अनुभवी नेताओं को जगह देकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने साफ संकेत दिया है कि सरकार विकास, प्रशासनिक अनुभव और राजनीतिक संतुलन को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहती है।
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