पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को आज एक साल पूरा हो गया है। इस ऑपरेशन ने न सिर्फ पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचाया, बल्कि भारतीय सेना की सटीक मारक क्षमता और आधुनिक सैन्य ताकत का भी दुनिया को परिचय कराया। भारतीय सशस्त्र बलों ने बेहद कम समय में पाकिस्तान स्थित आतंकियों के नौ बड़े ठिकानों को निशाना बनाकर उन्हें तबाह कर दिया था।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह पूरा ऑपरेशन सिर्फ 22 मिनट में पूरा हुआ। इस दौरान जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े 100 से अधिक आतंकवादी, ट्रेनर, हैंडलर और सहयोगी मारे गए। भारतीय सेना, वायुसेना और खुफिया एजेंसियों के संयुक्त अभियान ने पाकिस्तान को पूरी तरह चौंका दिया था।
इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी ताकत भारत की हाई-प्रिसिजन स्ट्राइक क्षमता रही। भारतीय वायुसेना ने अत्याधुनिक मिसाइलों और स्मार्ट बमों का इस्तेमाल करते हुए आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। माना जाता है कि ऑपरेशन में ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम, प्रिसिजन गाइडेड म्यूनिशन और ड्रोन आधारित निगरानी तकनीक ने अहम भूमिका निभाई। इन हथियारों की मदद से भारतीय सेना ने बिना बड़े नुकसान के अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेदा।
भारतीय सेना की रियल-टाइम इंटेलिजेंस और सैटेलाइट मॉनिटरिंग भी इस मिशन की बड़ी सफलता मानी गई। आतंकियों के ठिकानों की सटीक लोकेशन पहले से तय की गई थी, जिससे हमला बेहद योजनाबद्ध तरीके से किया गया। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस ऑपरेशन ने भारत की ‘सर्जिकल प्रिसिजन’ क्षमता को नई पहचान दी।
वहीं दूसरी ओर, पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे कई चीनी रक्षा उपकरण और निगरानी सिस्टम इस ऑपरेशन के दौरान प्रभावी साबित नहीं हुए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय सेना की इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर तकनीक और तेज हमले के कारण पाकिस्तान के कई एयर डिफेंस सिस्टम समय पर प्रतिक्रिया नहीं दे सके। इससे चीनी तकनीक आधारित सुरक्षा तंत्र पर भी सवाल खड़े हुए।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने साफ संदेश दिया था कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति अब और अधिक आक्रामक और निर्णायक होगी। इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गंभीरता से देखा गया और कई देशों ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख का समर्थन किया।
एक साल बाद भी ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सैन्य इतिहास के सबसे तेज, सटीक और प्रभावशाली अभियानों में गिना जा रहा है, जिसने आतंक के खिलाफ भारत की नई रणनीतिक शक्ति को दुनिया के सामने मजबूती से पेश किया।
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