राष्ट्रपति से मिले AAP के बागी सांसद, राघव चड्ढा ने लगाए उत्पीड़न के आरोप; अब राष्ट्रपति से मिलेंगे सीएम भगवंत मान


 आम आदमी पार्टी (AAP) में जारी सियासी घमासान अब और तेज हो गया है। पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे और भाजपा में शामिल होने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच AAP सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर असहमति रखने वाले नेताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है और उन्हें दबाने की कोशिश की गई।

राघव चड्ढा समेत बागी सांसदों ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर अपनी शिकायतें भी रखीं। सूत्रों के अनुसार, सांसदों ने राष्ट्रपति को बताया कि पार्टी में लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन नहीं हो रहा और कुछ नेताओं पर दबाव बनाकर फैसले करवाए जा रहे हैं। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

दूसरी ओर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इन नेताओं को “गद्दार” करार देते हुए कहा कि जिन्होंने पार्टी और जनता के भरोसे से राज्यसभा तक का सफर तय किया, वही अब सत्ता के लालच में भाजपा के साथ चले गए। भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के लोग ऐसे नेताओं को कभी माफ नहीं करेंगे।

सीएम मान ने यह भी स्पष्ट किया कि वह जल्द ही राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे और पूरे मामले में पार्टी का पक्ष रखेंगे। उनका कहना है कि कुछ सांसद व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण पार्टी छोड़कर गए हैं और इसे लोकतंत्र या विचारधारा की लड़ाई बताना गलत है। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी अपने सिद्धांतों और जनहित की राजनीति पर पहले की तरह कायम रहेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा सांसदों के इस बड़े घटनाक्रम से AAP को राष्ट्रीय स्तर पर झटका लग सकता है, खासकर ऐसे समय में जब पार्टी खुद को राष्ट्रीय विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। वहीं भाजपा इसे अपनी बड़ी राजनीतिक जीत के तौर पर पेश कर रही है।

अब सबकी नजर राष्ट्रपति से होने वाली भगवंत मान की मुलाकात पर टिकी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है तथा पार्टी के भीतर नए राजनीतिक समीकरण देखने को मिल सकते हैं।

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