देशभर में आम जनता को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। अप्रैल 2022 के बाद यह पहली बार है जब पेट्रोल और डीजल के दामों में इतना बड़ा इजाफा किया गया है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और ऊर्जा कीमतों में आई तेजी को इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह बताया जा रहा है। इसके साथ ही सीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है, जिससे वाहन चालकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
नई कीमतें लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं देश के अन्य प्रमुख महानगरों में भी ईंधन की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। मुंबई में पेट्रोल 103 रुपये के पार पहुंच गया है, जबकि डीजल भी करीब 95 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता और चेन्नई में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में समान बढ़ोतरी देखने को मिली है।
तेल कंपनियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी के कारण ईंधन की लागत बढ़ी है। इसी वजह से कंपनियों को खुदरा कीमतों में संशोधन करना पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अगर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं, तो पेट्रोल-डीजल के दामों में फिर इजाफा हो सकता है।
सीएनजी उपभोक्ताओं को भी राहत नहीं मिली है। कई शहरों में सीएनजी की कीमतों में 2 से 4 रुपये प्रति किलो तक बढ़ोतरी की गई है। इसका असर खास तौर पर टैक्सी, ऑटो और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर पड़ सकता है। परिवहन लागत बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं के दामों में भी असर देखने को मिल सकता है।
नई दरों के बाद वाहन चालकों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए यह फैसला घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। अब सभी की नजरें सरकार और तेल कंपनियों के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

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