Strait of Hormuz में अमेरिकी ताकत: युद्धपोत से फाइटर जेट तक तैनाती


 United States और Iran के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर वैश्विक फोकस में है। इसी बीच United States Central Command (सेंटकॉम) ने पुष्टि की है कि नाकाबंदी ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) के अनुसार दोपहर 2 बजे से लागू कर दी गई है।

इस नाकाबंदी के तहत ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों में आने-जाने वाले सभी जहाजों को निशाना बनाया जाएगा। हालांकि, सेंटकॉम ने यह स्पष्ट किया है कि Strait of Hormuz से होकर गैर-ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने या वहां से आने वाले जहाजों के आवागमन में कोई बाधा नहीं डाली जाएगी।

जहां तक सवाल है कि होर्मुज क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी कितनी है, तो इस रणनीतिक इलाके में अमेरिका की मजबूत तैनाती मानी जाती है। United States Navy के युद्धपोत, एयरक्राफ्ट कैरियर और गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर नियमित रूप से यहां गश्त करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी वायुसेना के उन्नत फाइटर जेट्स और निगरानी विमान भी इस क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं, जो हर गतिविधि पर नजर बनाए रखते हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या तनाव का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ता है।

मौजूदा हालात में अमेरिका की यह सैन्य तैनाती सिर्फ शक्ति प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि रणनीतिक नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास भी मानी जा रही है। वहीं Iran भी इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति मजबूत किए हुए है, जिससे दोनों देशों के बीच वर्चस्व की यह जंग और अधिक संवेदनशील बन गई है।

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