स्मार्टफोन की दुनिया में अब तक Apple और Samsung Electronics का दबदबा रहा है, लेकिन जल्द ही यह तस्वीर बदल सकती है। टेक जगत में चर्चा तेज है कि OpenAI एक ऐसे भविष्यवादी स्मार्टफोन पर काम कर रहा है, जिसमें पारंपरिक Apps की जरूरत ही नहीं होगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह नया AI आधारित डिवाइस पूरी तरह इंसानी बातचीत, आवाज, इशारों और व्यवहार को समझकर काम करेगा। यानी यूजर को अलग-अलग Apps खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। फोन का AI सिस्टम खुद समझ जाएगा कि यूजर क्या करना चाहता है और उसी हिसाब से काम पूरा करेगा।
बताया जा रहा है कि यह डिवाइस “AI-first” कॉन्सेप्ट पर आधारित होगा। मौजूदा स्मार्टफोन में यूजर को हर काम के लिए अलग App इस्तेमाल करना पड़ता है, लेकिन इस नए सिस्टम में AI एक डिजिटल असिस्टेंट की तरह हर काम संभालेगा। उदाहरण के तौर पर अगर यूजर बोले “मुझे शाम की फ्लाइट बुक करनी है”, तो AI खुद टिकट खोजेगा, कीमत बताएगा और बुकिंग तक कर देगा।
टेक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तकनीक सफल होती है, तो मोबाइल इंडस्ट्री में सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे App Store आधारित पूरा बिजनेस मॉडल प्रभावित हो सकता है। यही वजह है कि Apple और Samsung जैसी बड़ी कंपनियों की चिंता बढ़ने लगी है।
रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि OpenAI किसी बड़े हार्डवेयर पार्टनर के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट पर काम कर सकता है। हालांकि कंपनी ने अब तक आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन AI डिवाइस को लेकर बढ़ती चर्चाओं ने टेक बाजार में उत्सुकता बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में स्मार्टफोन सिर्फ टचस्क्रीन डिवाइस नहीं रहेंगे, बल्कि वे इंसानी व्यवहार को समझने वाले “पर्सनल AI कंपेनियन” बन सकते हैं। ऐसे डिवाइस यूजर की आदतों, पसंद और जरूरतों को सीखकर पहले से ज्यादा स्मार्ट तरीके से काम करेंगे।
अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है, तो यह मोबाइल तकनीक की दुनिया में वैसा ही बदलाव ला सकता है जैसा कभी टचस्क्रीन स्मार्टफोन ने किया था। फिलहाल दुनिया की नजर OpenAI के इस कथित “सीक्रेट AI फोन” पर टिकी हुई है, जो आने वाले वर्षों में पूरी मोबाइल इंडस्ट्री का भविष्य बदल सकता है।
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