High Court Orders CBI Probe: 397 करोड़ के ट्रांसफॉर्मर घोटाले की होगी जांच, पूर्व मंत्री बालाजी की बढ़ीं मुश्किलें


 मद्रास हाईकोर्ट ने 397 करोड़ रुपये के कथित ट्रांसफॉर्मर घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच के आदेश देकर बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत के इस आदेश के बाद तत्कालीन ऊर्जा मंत्री वी. सेंथिल बालाजी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मामला ट्रांसफॉर्मर खरीद में कथित अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़ा है।

बताया जा रहा है कि यह घोटाला बिजली विभाग के लिए ट्रांसफॉर्मर खरीद प्रक्रिया के दौरान हुआ था। आरोप है कि खरीद में नियमों की अनदेखी की गई और कुछ कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। मामले को लेकर लंबे समय से जांच की मांग उठ रही थी।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता और इसमें शामिल वित्तीय अनियमितताओं को देखते हुए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराना जरूरी है। अदालत ने माना कि इतने बड़े घोटाले में निष्पक्ष और व्यापक जांच आवश्यक है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब सीबीआई इस मामले में दस्तावेजों, खरीद प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच करेगी। जांच एजेंसी यह भी पता लगाएगी कि क्या टेंडर प्रक्रिया में जानबूझकर हेरफेर किया गया था और किन लोगों को इसका लाभ मिला।

इस मामले में पूर्व ऊर्जा मंत्री सेंथिल बालाजी का नाम सामने आने से राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाता रहा है और अब अदालत के आदेश के बाद यह मुद्दा और गर्मा सकता है।

कानूनी जानकारों का मानना है कि सीबीआई जांच शुरू होने के बाद कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी संभव है।

फिलहाल हाईकोर्ट के इस फैसले को भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है। अब सबकी नजर सीबीआई की आगामी कार्रवाई और जांच की दिशा पर टिकी हुई है।

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