Heatwave Crisis: भीषण गर्मी में किडनी पर खतरा, डॉक्टरों की चेतावनी को समझिए


 उत्तर भारत में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और हीटवेव ने लोगों की दिनचर्या से लेकर सेहत तक को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह सिर्फ थकान या डिहाइड्रेशन तक सीमित नहीं है—लगातार तेज गर्मी किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याओं का कारण भी बन सकती है।

क्यों बढ़ रहा है खतरा?

भीषण गर्मी में शरीर से अत्यधिक पसीना निकलता है, जिससे पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से कम होते हैं। अगर समय पर पर्याप्त पानी नहीं पिया जाए, तो डिहाइड्रेशन की स्थिति बनती है। यही स्थिति आगे चलकर Kidney Disease या किडनी फंक्शन में गिरावट का कारण बन सकती है।

डॉक्टर क्या कह रहे हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में किडनी को अतिरिक्त दबाव झेलना पड़ता है। शरीर में पानी की कमी होने पर किडनी को खून को फिल्टर करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे संक्रमण, पथरी या किडनी फेल होने का खतरा बढ़ सकता है।

किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए?

  • बुजुर्ग और छोटे बच्चे
  • डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर के मरीज
  • जो लोग बाहर धूप में ज्यादा काम करते हैं
  • जिनकी पानी पीने की आदत कम है

कैसे करें बचाव?

  • पर्याप्त पानी पिएं: दिनभर में 8–10 गिलास या जरूरत अनुसार अधिक
  • ओआरएस और नींबू पानी लें: इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने के लिए
  • धूप से बचें: दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें
  • हल्का भोजन करें: ज्यादा तला-भुना और भारी खाना न लें
  • शरीर के संकेत समझें: चक्कर, कमजोरी, पेशाब कम होना—ये चेतावनी हो सकते हैं

हीटवेव और अन्य खतरे

किडनी के अलावा हीटवेव से Heatstroke, डिहाइड्रेशन और थकावट जैसी समस्याएं भी तेजी से बढ़ती हैं। समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।

निष्कर्ष

भीषण गर्मी को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। पर्याप्त पानी पीना, सही खानपान और धूप से बचाव जैसे छोटे कदम आपकी किडनी 

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