अप्रैल का महीना आते ही गर्मी अपना रौद्र रूप दिखाने लगती है। चिलचिलाती धूप और तेज लू (Heat Wave) का असर सबसे ज्यादा बच्चों पर पड़ता है, खासकर उन बच्चों पर जो रोज़ स्कूल जाते हैं या बाहर खेलते हैं। ऐसे में माता-पिता के लिए जरूरी हो जाता है कि वे अपने बच्चों को हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखें।
सबसे पहले, बच्चों को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी है। उन्हें दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के लिए प्रेरित करें। इसके साथ ही नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और फलों का रस जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थ भी शरीर में पानी की कमी को पूरा करते हैं। स्कूल जाते समय बच्चे के बैग में पानी की बोतल जरूर रखें।
दूसरी महत्वपूर्ण बात है सही कपड़ों का चयन। बच्चों को हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनाएं ताकि शरीर को ठंडक मिले और पसीना आसानी से सूख सके। गहरे रंगों के कपड़ों से बचें, क्योंकि ये गर्मी को ज्यादा आकर्षित करते हैं।
तीसरा, बच्चों को तेज धूप में बाहर जाने से बचाएं। खासकर दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच लू का खतरा सबसे ज्यादा होता है। यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो बच्चे को टोपी, छाता या स्कार्फ का इस्तेमाल जरूर करवाएं।
खानपान का भी खास ध्यान रखें। बच्चों को ताजा और हल्का भोजन दें। तरबूज, खीरा, ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फल उनके शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं। बहुत ज्यादा तला-भुना या भारी भोजन देने से बचें।
इसके अलावा, बच्चों में हीट स्ट्रोक के लक्षणों को पहचानना भी जरूरी है। अगर बच्चा बहुत ज्यादा थका हुआ लगे, चक्कर आए, उल्टी हो या शरीर का तापमान बढ़ जाए, तो तुरंत उसे ठंडी जगह पर ले जाएं और डॉक्टर से संपर्क करें।
अंत में, बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए उनकी दिनचर्या में थोड़े बदलाव करना जरूरी है। उन्हें सुबह या शाम के समय खेलने दें और दोपहर में घर के अंदर ही रखें। थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता से आप अपने बच्चे को तेज लू और हीट स्ट्रोक के खतरे से सुरक्षित रख सकते हैं।
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