संविधान पर खतरा? सोनिया गांधी का केंद्र पर हमला, बोलीं—परिसीमन असली मुद्दा


 कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष Sonia Gandhi ने संसद के विशेष सत्र में लाए जाने वाले विधेयकों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा बहस का केंद्र केवल महिला आरक्षण नहीं होना चाहिए, बल्कि असली मुद्दा परिसीमन (Delimitation) है, जो देश की लोकतांत्रिक संरचना को प्रभावित कर सकता है।

सोनिया गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर सरकार एक बड़े और संवेदनशील मुद्दे को पीछे धकेल रही है। उनके अनुसार, परिसीमन का प्रस्ताव अत्यंत गंभीर और दूरगामी परिणामों वाला है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने इसे “संविधान पर संभावित हमला” तक करार दिया।

उन्होंने आगे कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया यदि सही तरीके और संतुलन के साथ नहीं की गई, तो इससे राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व का संतुलन बिगड़ सकता है। खासतौर पर जनसंख्या के आधार पर सीटों के पुनर्निर्धारण से कुछ राज्यों को नुकसान हो सकता है, जिससे संघीय ढांचे पर भी असर पड़ने की आशंका है।

कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस महत्वपूर्ण विषय पर पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरत रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार को इस पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए और सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लेना चाहिए। साथ ही, उन्होंने संसद के विशेष सत्र में इस मुद्दे पर विस्तृत बहस की आवश्यकता पर जोर दिया।

गौरतलब है कि संसद का विशेष सत्र ऐसे समय में बुलाया गया है जब महिला आरक्षण कानून को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है। लेकिन सोनिया गांधी के बयान ने इस बहस को एक नया मोड़ दे दिया है, जिसमें परिसीमन जैसे जटिल मुद्दे को केंद्र में ला दिया गया है।

कुल मिलाकर, कांग्रेस की ओर से उठाए गए इन सवालों ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस पर क्या जवाब देती है और संसद में इस विषय पर कैसी चर्चा होती है।

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