दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक अहम चेतावनी सामने आई है। कई ऑनलाइन मैप प्लेटफॉर्म इस एक्सप्रेसवे की लोकेशन को “344-जी” जैसे नाम से दिखा रहे हैं, जिससे यात्रियों को भ्रम का सामना करना पड़ सकता है। खासतौर पर नए या पहली बार इस रूट पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह स्थिति परेशानी खड़ी कर सकती है।
जानकारी के अनुसार, मैप पर एक्सप्रेसवे का रूट तो दिखाई दे रहा है, लेकिन इंटरचेंज, पेट्रोल पंप, एंट्री-एग्जिट पॉइंट और रेस्ट एरिया जैसी जरूरी सुविधाओं की सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में ड्राइवर्स को रास्ता समझने में दिक्कत हो रही है और कई बार उन्हें गलत दिशा में जाना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एक्सप्रेसवे अभी पूरी तरह विकसित या अपडेटेड नहीं है, जिसके कारण डिजिटल मैपिंग सिस्टम में इसकी पूरी जानकारी फीड नहीं हो पाई है। यही वजह है कि मैप पर दिखाई जा रही जानकारी अधूरी या भ्रामक हो सकती है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे केवल ऑनलाइन मैप पर निर्भर न रहें, बल्कि सड़क किनारे लगे साइनबोर्ड और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करें। साथ ही, सफर शुरू करने से पहले रूट की पूरी जानकारी जुटा लें और यदि संभव हो तो स्थानीय लोगों या ट्रैफिक पुलिस से भी मार्गदर्शन लें।
प्रशासन और संबंधित एजेंसियां इस समस्या को दूर करने के लिए काम कर रही हैं, ताकि जल्द ही ऑनलाइन मैप पर एक्सप्रेसवे से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां सही तरीके से उपलब्ध हो सकें। तब तक यात्रियों को सतर्क रहकर यात्रा करने की जरूरत है, ताकि किसी भी तरह की असुविधा या दुर्घटना से बचा जा सके।
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