नुमान जयंती के मौके पर महाराष्ट्र के अकोला जिले के Barshitakli Taluka में एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। इस दिन स्थानीय लोगों ने भंडारा आयोजित किया, लेकिन इस बार खास बात यह थी कि भंडारे का हिस्सा “वानर सेना” यानी असली बंदर बने।
स्थानीय मंदिर के पास आयोजित इस भंडारे में मिठाईयां और प्रसाद विशेष रूप से वानरों के लिए रखा गया।
भंडारे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि वानर बड़ी ही सहजता से बैठकर मिठाई खा रहे हैं और आसपास की हलचल से विचलित नहीं हो रहे। लोगों ने इस दृश्य को मनोरंजक और अद्भुत बताया।
स्थानीय लोग कहते हैं कि यह भंडारा वानरों के प्रति सम्मान और सेवा भाव का प्रतीक है। कई लोगों ने इसे धार्मिक परंपरा और प्रकृति के प्रति स्नेह के रूप में देखा।
हनुमान जयंती पर वानर सेना के लिए आयोजित यह भंडारा न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, बल्कि प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति मानव भावनाओं को भी दर्शाता है। वीडियो वायरल होने के बाद इसे सोशल मीडिया पर काफी सराहा जा रहा है और लोग इसे साझा कर रहे हैं।
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