बैसाखी भारत का एक प्रमुख त्योहार है, जिसे खासतौर पर Sikhism और उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह पर्व हर साल अप्रैल महीने में मनाया जाता है और 2026 में यह 13 अप्रैल को पड़ रहा है।
बैसाखी का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व बेहद खास है। साल 1699 में Guru Gobind Singh ने इसी दिन खालसा पंथ की स्थापना की थी। इस घटना ने सिख धर्म को एक नई पहचान दी और समाज में समानता, साहस और धर्म की रक्षा का संदेश दिया।
इसके अलावा, बैसाखी को फसल कटाई के पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। खासकर Punjab और हरियाणा में यह रबी फसल की कटाई के बाद खुशी और समृद्धि का प्रतीक होता है।
बैसाखी के दिन गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन और अरदास आयोजित की जाती है। श्रद्धालु Guru Granth Sahib के सामने मत्था टेकते हैं और लंगर में सेवा करते हैं। यह दिन सेवा, त्याग और एकता का संदेश देता है।
बैसाखी सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विविधता और कृषि परंपरा का भी प्रतीक है। यह दिन हमें मेहनत, आस्था और सामूहिक उत्सव की भावना से जोड़ता है।
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