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 चार साल से अधिक समय से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच कूटनीतिक गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं। इसी क्रम में यूक्रेन के सुरक्षा प्रमुख रुस्तम उमेरोव भारत दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने भारत के शीर्ष नेतृत्व से महत्वपूर्ण मुलाकातें कीं।

भारत की राजधानी नई दिल्ली में हुई इस यात्रा के दौरान उमेरोव ने विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की। इन बैठकों में युद्ध की मौजूदा स्थिति, फ्रंटलाइन के हालात और संभावित शांति प्रयासों पर गंभीर चर्चा हुई।

सूत्रों के अनुसार, बातचीत में यूक्रेन ने युद्ध के मौजूदा हालात और अपनी रणनीतिक चुनौतियों को साझा किया। वहीं भारत ने हमेशा की तरह संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया। भारत लगातार इस संघर्ष में संतुलित रुख अपनाते हुए शांति और स्थिरता की वकालत करता रहा है।

इस मुलाकात को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वैश्विक स्तर पर भले ही इस युद्ध की सुर्खियां कुछ कम हुई हों, लेकिन जमीनी हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। ऐसे में भारत जैसे प्रभावशाली देश से बातचीत यूक्रेन के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत और यूक्रेन के बीच संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम हो सकता है। कुल मिलाकर, यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दुनिया को इस लंबे संघर्ष के समाधान की सख्त जरूरत है।

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