अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा Iran को Strait of Hormuz खोलने की सख्त चेतावनी देने के बाद वैश्विक कच्चे तेल बाजार में तेज उछाल देखने को मिला है। इस बयान का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों पर पड़ा, जहां Brent Crude की कीमत बढ़कर करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। वहीं, अमेरिकी बेंचमार्क WTI Crude Oil में भी उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है।
दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री तेल मार्गों में से एक है, जिससे होकर प्रतिदिन वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव या बाधा पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता को और बढ़ा दिया है, जिसके चलते बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इस जलडमरूमध्य में किसी प्रकार की रुकावट आती है या सैन्य टकराव की स्थिति बनती है, तो तेल की कीमतों में और अधिक उछाल आ सकता है। यही कारण है कि ट्रेडर्स और निवेशक फिलहाल जोखिम को देखते हुए तेल की खरीदारी बढ़ा रहे हैं, जिससे कीमतों में तेजी बनी हुई है।
इस घटनाक्रम का असर भारत जैसे तेल आयातक देशों पर भी पड़ना तय है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हो सकता है, जिससे महंगाई पर दबाव बढ़ेगा। साथ ही, परिवहन और उत्पादन लागत में वृद्धि से आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
फिलहाल, वैश्विक तेल बाजार पूरी तरह से अमेरिका-ईरान के बीच होने वाली आगामी गतिविधियों पर निर्भर करता नजर आ रहा है। यदि दोनों देशों के बीच तनाव कम होता है, तो कीमतों में स्थिरता आ सकती है, लेकिन अगर स्थिति और बिगड़ती है, तो आने वाले दिनों में तेल बाजार में और अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है

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