हर साल मार्च के दूसरे गुरुवार को World Kidney Day मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को किडनी से जुड़ी बीमारियों और उनकी रोकथाम के बारे में जागरूक करना है। विशेषज्ञों के अनुसार आज के समय में किडनी खराब होने के सबसे बड़े कारणों में अनियंत्रित शुगर और हाई ब्लड प्रेशर शामिल हैं। अगर इन बीमारियों को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए तो यह धीरे-धीरे किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं।
डायबिटीज और हाई बीपी क्यों बनते हैं किडनी के दुश्मन
डॉक्टरों के मुताबिक जब किसी व्यक्ति को लंबे समय तक Diabetes रहता है और शुगर का स्तर लगातार ज्यादा बना रहता है, तो इससे किडनी की छोटी रक्त वाहिकाएं प्रभावित होने लगती हैं। धीरे-धीरे यह नुकसान बढ़ता जाता है और किडनी की फिल्टर करने की क्षमता कम होने लगती है।
इसी तरह लंबे समय तक अनियंत्रित रहने वाला Hypertension यानी हाई ब्लड प्रेशर भी किडनी पर दबाव डालता है। इससे किडनी की रक्त वाहिकाएं कमजोर हो जाती हैं और समय के साथ किडनी डैमेज होने लगता है। यही कारण है कि इन दोनों बीमारियों को Chronic Kidney Disease (CKD) के प्रमुख कारणों में गिना जाता है।
किडनी खराब होने के शुरुआती संकेत
कई बार किडनी की बीमारी शुरुआती चरण में स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाती, लेकिन कुछ संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, जैसे—
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पैरों, चेहरे या आंखों के आसपास सूजन
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बार-बार पेशाब आना या पेशाब में बदलाव
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लगातार थकान महसूस होना
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भूख कम लगना या मतली
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शरीर में कमजोरी
कैसे रखें किडनी को सुरक्षित
विशेषज्ञों के अनुसार कुछ आसान आदतें अपनाकर किडनी की सेहत को बेहतर रखा जा सकता है—
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शुगर और ब्लड प्रेशर को नियमित रूप से कंट्रोल में रखें
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संतुलित आहार और कम नमक का सेवन करें
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पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
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नियमित व्यायाम करें
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समय-समय पर किडनी की जांच करवाएं
डॉक्टरों का कहना है कि अगर डायबिटीज और हाई बीपी को सही समय पर नियंत्रित कर लिया जाए, तो किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है। इसलिए स्वास्थ्य के प्रति थोड़ी-सी लापरवाही भी आगे चलकर बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
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