Telegram पर पायरेसी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 3000 से ज्यादा चैनल बंद, फ्री फिल्म-वेब सीरीज डाउनलोड करना होगा मुश्किल


 फ्री में फिल्में और वेब सीरीज डाउनलोड करने के लिए कई लोग जिस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते थे, उस पर अब बड़ा एक्शन शुरू हो गया है। केंद्र सरकार ने ऑनलाइन पायरेसी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए Telegram पर चल रहे हजारों पायरेसी चैनलों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 3000 से ज्यादा ऐसे चैनल निशाने पर हैं, जिनके जरिए नई फिल्में और वेब सीरीज अवैध रूप से शेयर की जा रही थीं।

पायरेसी पर सरकार का बड़ा कदम

सरकार को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि टेलीग्राम पर कई चैनल नई रिलीज फिल्मों और ओटीटी वेब सीरीज को अवैध तरीके से अपलोड कर रहे हैं। इन चैनलों पर लाखों यूजर्स जुड़े रहते थे और नई फिल्म रिलीज होते ही उसका डाउनलोड लिंक शेयर कर दिया जाता था। अब इस पर लगाम लगाने के लिए सख्त कार्रवाई शुरू की गई है।

सूत्रों के अनुसार कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन करने वाले चैनलों की पहचान कर उन्हें हटाने या ब्लॉक करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके लिए सरकार संबंधित एजेंसियों और प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर काम कर रही है।

फिल्म इंडस्ट्री को होता है भारी नुकसान

पायरेसी के कारण फिल्म और मनोरंजन उद्योग को हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। नई फिल्म या वेब सीरीज रिलीज होते ही अगर उसका पायरेटेड वर्जन इंटरनेट पर उपलब्ध हो जाए तो थिएटर और ओटीटी प्लेटफॉर्म दोनों की कमाई प्रभावित होती है।

इसी वजह से लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री और ओटीटी कंपनियां सरकार से पायरेसी के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग कर रही थीं।

यूजर्स के लिए क्या बदलेगा

अगर आप भी टेलीग्राम चैनलों से फ्री फिल्में या वेब सीरीज डाउनलोड करते थे तो अब यह पहले जितना आसान नहीं रहेगा। ऐसे कई चैनल बंद किए जा रहे हैं और भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि कॉपीराइट कानूनों के तहत पायरेटेड कंटेंट डाउनलोड करना या शेयर करना भी गैरकानूनी हो सकता है। इसलिए यूजर्स को हमेशा वैध प्लेटफॉर्म से ही फिल्में और वेब सीरीज देखने की सलाह दी जाती है।

आगे भी जारी रह सकती है कार्रवाई

सरकार का कहना है कि डिजिटल पायरेसी पर रोक लगाने के लिए आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। आने वाले समय में अन्य सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर भी इसी तरह की निगरानी बढ़ाई जा सकती है, ताकि अवैध कंटेंट के प्रसार को रोका जा सके।

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