Som Pradosh Vrat 2026: 16 या 17 मार्च कब है सोम प्रदोष व्रत? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व


 हिंदू धर्म में Pradosh Vrat का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत भगवान शिव की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है। जब प्रदोष व्रत सोमवार के दिन पड़ता है, तो उसे Som Pradosh Vrat कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

2026 में सोम प्रदोष व्रत कब है?

पंचांग के अनुसार मार्च महीने का प्रदोष व्रत 16 मार्च 2026 को पड़ रहा है और इस दिन सोमवार होने के कारण सोम प्रदोष व्रत का विशेष संयोग बन रहा है। इसलिए भक्त इस दिन व्रत रखकर Shiva की पूजा करेंगे।

प्रदोष काल पूजा मुहूर्त

प्रदोष व्रत में पूजा का सबसे महत्वपूर्ण समय प्रदोष काल होता है, जो सूर्यास्त के बाद का समय माना जाता है। इस दौरान शिव पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।

  • प्रदोष काल: लगभग शाम 6 बजे से रात 8 बजे के बीच (स्थानीय समय के अनुसार थोड़ा अंतर संभव)

इस समय शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर पूजा की जाती है।

सोम प्रदोष व्रत का महत्व

सोमवार भगवान शिव को समर्पित माना जाता है, इसलिए सोमवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत और भी अधिक शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, सुख-समृद्धि आती है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है।

इस दिन क्या करें

  • सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें

  • दिनभर फलाहार या उपवास रखें

  • शाम के समय प्रदोष काल में शिव पूजा करें

  • शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें

  • “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें

मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान शिव भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है

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