Shahed Drone: ज़मीन के नीचे छिपा ईरान का खतरनाक हथियार, खुफिया सुरंगों में तैनात ‘शाहेद’ का खुलासा


 मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया है। ईरान की ताकतवर सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने अपने अत्याधुनिक ‘शाहेद’ ड्रोन टनल नेटवर्क का खुलासा किया है। इन सुरंगों में बड़ी संख्या में ‘शाहेद’ ड्रोन तैनात दिखाई दिए, जो जमीन के नीचे छिपकर किसी भी समय हमले के लिए तैयार रखे गए हैं। इस खुलासे ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

बताया जा रहा है कि ये ड्रोन विशेष रूप से लंबी दूरी तक मार करने और दुश्मन के ठिकानों को सटीक निशाना बनाने के लिए तैयार किए गए हैं। ‘शाहेद’ ड्रोन को आत्मघाती या “लॉइटरिंग म्यूनिशन” श्रेणी में रखा जाता है, जो लक्ष्य के ऊपर मंडराते हुए सही समय का इंतजार करता है और फिर सीधे टकराकर विस्फोट करता है। ईरान ने इन ड्रोन को रणनीतिक रूप से भूमिगत सुरंगों में छिपाकर रखा है, ताकि दुश्मन की निगरानी प्रणालियों से बचा जा सके।

हाल ही में दुबई के आसमान में भी ‘शाहेद’ ड्रोन देखे जाने की खबर सामने आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें से एक ड्रोन ने शहर को निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि इस घटना को लेकर आधिकारिक स्तर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई, लेकिन इससे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का प्रदर्शन ईरान की सामरिक चेतावनी का हिस्सा हो सकता है।

ईरान पहले भी अपने ड्रोन कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा में रहा है। यूक्रेन-रूस युद्ध के दौरान भी ‘शाहेद’ ड्रोन का नाम सामने आया था, जहां इनका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया गया। अब भूमिगत टनल नेटवर्क का खुलासा यह संकेत देता है कि ईरान भविष्य के संभावित संघर्षों के लिए अपनी तैयारियों को और मजबूत कर रहा है।

सैन्य विश्लेषकों के अनुसार, जमीन के नीचे छिपे ऐसे ड्रोन ठिकाने दुश्मन के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं, क्योंकि इन्हें पहले से खोज पाना बेहद कठिन होता है। साथ ही, अचानक बड़े पैमाने पर ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता किसी भी देश की रक्षा प्रणाली पर भारी दबाव डाल सकती है।

कुल मिलाकर, ‘शाहेद’ ड्रोन टनल नेटवर्क का यह खुलासा मध्य पूर्व की बदलती सैन्य रणनीतियों और तकनीकी युद्ध की दिशा को दर्शाता है, जिसने क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा समीकरणों को नई दिशा दे दी है।

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