महाराष्ट्र की विश्व प्रसिद्ध
Ajanta Caves में हाल ही में मधुमक्खियों के हमलों की घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। राज्य के वन विभाग ने पर्यटकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए उन्हें तेज खुशबू वाले परफ्यूम और लाउड आवाज से बचने की सलाह दी है।
क्या है पूरा मामला?
वन विभाग द्वारा किए गए हालिया सर्वे में गुफा संख्या 1 से 26 तक के क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। इस दौरान तीन सक्रिय मधुमक्खी के छत्ते पाए गए—एक गुफा 26 के पास और दो गुफा 10 के आसपास। इन छत्तों की मौजूदगी के चलते पर्यटकों के लिए खतरा बढ़ गया है, क्योंकि मधुमक्खियां तेज गंध और शोर से जल्दी आकर्षित होकर आक्रामक हो सकती हैं।
पर्यटकों के लिए जारी निर्देश
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तेज खुशबू वाले परफ्यूम या डियोड्रेंट का इस्तेमाल न करें
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गुफाओं के आसपास तेज आवाज या शोर से बचें
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छत्तों के पास जाने या उन्हें छेड़ने की कोशिश न करें
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किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय अधिकारियों को सूचित करें
प्रशासन की तैयारी
वन विभाग ने Archaeological Survey of India (ASI) के स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मधुमक्खी के छत्तों को नियंत्रित करने और उनके फैलाव को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। साथ ही, विभाग जल्द ही एक जागरूकता अभियान भी चलाने की योजना बना रहा है, ताकि पर्यटकों को संभावित खतरों के बारे में पहले से जानकारी दी जा सके।
विश्व धरोहर स्थल है अजंता
गौरतलब है कि UNESCO ने वर्ष 1983 में अजंता की गुफाओं को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया था। ये गुफाएं अपनी अद्भुत बौद्ध कला, भित्ति चित्रों और ऐतिहासिक महत्व के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं।
निष्कर्ष
अजंता गुफाएं न केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर हैं, बल्कि लाखों पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र भी हैं। ऐसे में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किए गए निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुखद बनी रहे।
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