होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और किसी भी तरह की कमी की आशंका नहीं है।
गुरुवार को जारी बयान में सरकार ने बताया कि भारत के पास पेट्रोलियम उत्पादों की कुल 74 दिनों की भंडारण क्षमता है, जिसमें से फिलहाल लगभग 60 दिनों का स्टॉक उपलब्ध है। यह भंडार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि तेल कंपनियां लगातार आपूर्ति बनाए रखने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं और सप्लाई चेन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव या बाधा सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार और तेल की कीमतों को प्रभावित करता है। इसी वजह से भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए यह स्थिति संवेदनशील मानी जाती है।
सरकार के अनुसार, देश में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के पास पर्याप्त भंडार मौजूद है और वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों पर भी काम किया जा रहा है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में आपूर्ति बाधित न हो। साथ ही, आवश्यक सेवाओं—जैसे परिवहन, उद्योग और घरेलू गैस—को प्राथमिकता देने की योजना भी तैयार रखी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह आश्वासन बाजार में घबराहट को कम करने में मदद करेगा। अक्सर ऐसी परिस्थितियों में अफवाहों के चलते जमाखोरी और कीमतों में अचानक उछाल देखने को मिलता है, लेकिन पर्याप्त स्टॉक की जानकारी से स्थिति नियंत्रित रह सकती है।
कुल मिलाकर, मौजूदा हालात में सरकार पूरी तरह सतर्क है और लगातार वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, ताकि देश में ऊर्जा आपूर्ति पर कोई असर न पड़े और आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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