India’s Electronics Exports 2025: स्मार्टफोन ने दिलाई बड़ी उड़ान, दुनिया में चमका भारत का नाम


 भारत अब सिर्फ एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि दुनिया के लिए तेजी से उभरता हुआ मैन्युफैक्चरिंग हब बनता जा रहा है। साल 2024-25 में देश के इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट ने नया इतिहास रच दिया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 32% की जबरदस्त बढ़त के साथ 38.58 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है। इस उपलब्धि ने वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को और मजबूत किया है।

इस शानदार प्रदर्शन में सबसे बड़ी भूमिका स्मार्टफोन एक्सपोर्ट की रही है। मोबाइल फोन आज भारत के कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात का सबसे बड़ा हिस्सा बन चुके हैं। सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम, विदेशी निवेश और घरेलू कंपनियों के विस्तार ने मिलकर इस सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। कई बड़ी टेक कंपनियों ने भारत में अपने उत्पादन को बढ़ाया है, जिससे निर्यात में तेजी आई है।

अगर बात करें भारतीय स्मार्टफोन्स के सबसे बड़े खरीदार देशों की, तो अमेरिका, यूरोप के कई देश, और मध्य-पूर्व के बाजार सबसे आगे हैं। खासकर अमेरिका में भारतीय स्मार्टफोन की मांग तेजी से बढ़ी है। इसका कारण है बेहतर क्वालिटी, प्रतिस्पर्धी कीमत और सप्लाई चेन में स्थिरता। इसके अलावा, भारत से निर्यात होने वाले डिवाइस अब वैश्विक मानकों पर खरे उतर रहे हैं।

भारत के इस उभरते मैन्युफैक्चरिंग हब बनने के पीछे कई अहम कारण हैं। सबसे पहले, सरकार की नीतियां—जैसे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’—ने कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित किया है। दूसरा, चीन पर बढ़ती निर्भरता को कम करने के लिए ग्लोबल कंपनियां भारत को एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में देख रही हैं। तीसरा, भारत में सस्ता और कुशल श्रम, मजबूत लॉजिस्टिक्स और तेजी से विकसित होती सप्लाई चेन भी बड़ी वजह है।

इसके साथ ही, सेमीकंडक्टर और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में भी भारत तेजी से कदम बढ़ा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात और भी तेज़ी से बढ़ने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, भारत अब सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता और निर्यातक के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। अगर यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले समय में भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में एक प्रमुख शक्ति बन सकता है।

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