अगर आपका स्मार्टफोन बूट होने में ज्यादा समय लेता है या ऐप्स खोलते वक्त स्लो महसूस होता है, तो जल्द ही यह समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है। टेक दिग्गज Google एंड्रॉइड सिस्टम की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए एक नई ऑप्टिमाइजेशन तकनीक AutoFDO पर काम कर रहा है। यह तकनीक आने वाले समय में Android स्मार्टफोन्स को पहले से ज्यादा तेज और स्मूथ बना सकती है।
AutoFDO का पूरा नाम Auto Feedback Directed Optimization है। यह एक ऐसी स्मार्ट तकनीक है जो सिस्टम के उपयोग के पैटर्न को समझकर कोड को ऑप्टिमाइज करती है। यानी फोन में जो कोड या फंक्शन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं, यह तकनीक उन्हें पहचानकर बेहतर तरीके से व्यवस्थित कर देती है। इससे सिस्टम को बार-बार भारी प्रोसेसिंग नहीं करनी पड़ती और फोन तेजी से काम करने लगता है।
इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा फोन के बूट टाइम में देखने को मिलेगा। आमतौर पर जब स्मार्टफोन चालू होता है तो उसे कई सिस्टम फाइलें लोड करनी पड़ती हैं। AutoFDO इन फाइलों के उपयोग के आधार पर उन्हें बेहतर तरीके से ऑप्टिमाइज कर देता है, जिससे फोन पहले की तुलना में जल्दी स्टार्ट हो सकता है।
इसके अलावा ऐप लॉन्चिंग स्पीड भी बेहतर होने की उम्मीद है। कई बार ऐप खोलते समय प्रोसेसर को कई अलग-अलग कोड पाथ पढ़ने पड़ते हैं। AutoFDO उन कोड पाथ को पहले से ऑप्टिमाइज कर देता है जो सबसे ज्यादा उपयोग होते हैं। इसका मतलब यह है कि आप जिन ऐप्स का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, वे तेजी से खुलेंगे और ज्यादा स्मूथ चलेंगे।
इस तकनीक का एक और फायदा यह है कि यह सिर्फ नए स्मार्टफोन्स तक सीमित नहीं रहेगा। यदि सिस्टम अपडेट के जरिए इसे लागू किया जाता है, तो पुराने एंड्रॉइड फोन भी इससे फायदा उठा सकते हैं। इससे डिवाइस की परफॉर्मेंस बेहतर होने के साथ-साथ बैटरी एफिशिएंसी पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
टेक विशेषज्ञों का मानना है कि AutoFDO जैसे स्मार्ट ऑप्टिमाइजेशन टूल भविष्य में मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम को और ज्यादा इंटेलिजेंट बना सकते हैं। अगर यह तकनीक बड़े पैमाने पर लागू होती है, तो यूजर्स को तेज बूट टाइम, बेहतर ऐप परफॉर्मेंस और ज्यादा स्मूथ स्मार्टफोन अनुभव मिल सकता है।
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