X (formerly Twitter) को यूरोप में बड़ा झटका लगा है।
European Union (EU) ने कंपनी के
पेड ब्लू टिक वेरिफिकेशन सिस्टम को यूजर्स के लिए संभावित रूप से भ्रामक बताते हुए उस पर भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। इस कार्रवाई के बाद प्लेटफॉर्म के मालिक
Elon Musk की कंपनी को यूरोप में अपने वेरिफिकेशन मॉडल में बदलाव करने पड़ सकते हैं।
दरअसल, एक्स ने पिछले कुछ समय में अपने वेरिफिकेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव किया था। पहले ब्लू टिक केवल सार्वजनिक हस्तियों, पत्रकारों, नेताओं और बड़ी हस्तियों को पहचान के तौर पर दिया जाता था। लेकिन एलन मस्क के नेतृत्व में कंपनी ने इसे सब्सक्रिप्शन आधारित बना दिया, जिसमें पैसे देकर कोई भी यूजर ब्लू टिक प्राप्त कर सकता है।
यूरोपीय संघ का कहना है कि इस मॉडल से प्लेटफॉर्म पर असली और नकली खातों के बीच फर्क करना मुश्किल हो सकता है। EU के अधिकारियों के मुताबिक, कई यूजर्स ब्लू टिक को अब भी विश्वसनीयता और आधिकारिक पहचान के संकेत के रूप में देखते हैं। ऐसे में यदि कोई भी भुगतान कर इसे हासिल कर सकता है, तो इससे गलत सूचना फैलने या यूजर्स के भ्रमित होने का खतरा बढ़ सकता है।
EU के डिजिटल नियमों के तहत बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को यूजर सुरक्षा और पारदर्शिता से जुड़े कड़े मानकों का पालन करना होता है। इसी आधार पर एक्स के ब्लू टिक सिस्टम की जांच की गई और इसे लेकर सख्त कार्रवाई की गई। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई यूरोप के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नियंत्रण को और मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
इस फैसले के बाद एक्स को यूरोप में अपने वेरिफिकेशन सिस्टम को लेकर नए बदलाव करने पड़ सकते हैं। संभव है कि कंपनी को पेड ब्लू टिक के साथ स्पष्ट पहचान, अलग बैज या अतिरिक्त वेरिफिकेशन प्रक्रिया लागू करनी पड़े ताकि यूजर्स को भ्रम न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक्स तक सीमित नहीं है। इससे अन्य सोशल मीडिया कंपनियों के लिए भी संदेश गया है कि यूरोप में डिजिटल नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। आने वाले समय में यूरोप में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की नीतियों और वेरिफिकेशन सिस्टम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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