बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए National Human Rights Commission of India (NHRC) ने टेक कंपनियों पर सख्ती दिखाई है। आयोग ने Meta Platforms, WhatsApp और कई एआई प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई बच्चों के डेटा की सुरक्षा में लापरवाही और कानून के संभावित उल्लंघन को लेकर की गई है।
एनएचआरसी ने खास तौर पर Digital Personal Data Protection Act 2023 (DPDP Act) के उल्लंघन की आशंका जताई है। आयोग का कहना है कि बच्चों के व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखने में गंभीर खामियां सामने आ रही हैं, जो उनकी प्राइवेसी और सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं।
नोटिस में संबंधित कंपनियों और सरकार से 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। आयोग यह जानना चाहता है कि बच्चों के डेटा की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं और क्या मौजूदा नियमों का सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं।
विशेषज्ञों के अनुसार, आज के डिजिटल युग में बच्चे तेजी से इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर रहे हैं, जिससे उनका डेटा अधिक संवेदनशील हो जाता है। यदि कंपनियां इसे सही तरीके से सुरक्षित नहीं रखतीं, तो इसके दुरुपयोग का खतरा बढ़ जाता है, जैसे कि साइबर बुलिंग, पहचान की चोरी और अनुचित कंटेंट का जोखिम।
एनएचआरसी की यह कार्रवाई एक स्पष्ट संकेत है कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर अब कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, यह टेक कंपनियों के लिए भी एक चेतावनी है कि वे डेटा सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें।
आयोग ने सरकार से भी इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चों के डेटा की सुरक्षा के लिए मजबूत और प्रभावी सिस्टम लागू किया जाए। आने वाले दिनों में इस मामले में और सख्त कदम उठाए जाने की संभावना है।
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