Chaitra Navratri 2026: अष्टमी या नवमी—कब करें व्रत पारण? जानें सही तारीख और विधि


 Chaitra Navratri हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। नौ दिनों तक व्रत रखने के बाद सबसे बड़ा सवाल होता है—व्रत का पारण (उपवास खोलना) अष्टमी को करें या नवमी को? आइए 2026 की सही तिथि और विधि समझते हैं।

कब है अष्टमी और नवमी?

  • महाअष्टमी: 28 मार्च 2026
  • राम नवमी: 29 मार्च 2026

अष्टमी या नवमी—कब करें पारण?

परंपरा के अनुसार, व्रत पारण दोनों दिन किया जा सकता है, यह आपकी श्रद्धा और परंपरा पर निर्भर करता है:

  • अष्टमी पारण (28 मार्च):
    कई लोग महाअष्टमी के दिन Kanya Pujan (कन्या पूजन) करके व्रत खोलते हैं।
  • नवमी पारण (29 मार्च):
    कुछ लोग पूरे 9 दिन का व्रत रखकर राम नवमी के दिन पारण करते हैं।

 अगर आपने 8 दिन का व्रत रखा है, तो अष्टमी को पारण करें
 अगर पूरे 9 दिन का व्रत रखा है, तो नवमी को पारण करना उचित माना जाता है

व्रत पारण की सही विधि

  1. सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें
  2. मां दुर्गा की पूजा करें
  3. कन्या पूजन करें (छोटी बच्चियों को भोजन कराएं)
  4. उन्हें प्रसाद, फल और दक्षिणा दें
  5. इसके बाद खुद प्रसाद ग्रहण कर व्रत खोलें

पारण के समय क्या खाएं?

  • हल्का और सात्विक भोजन करें
  • फल, खीर, पूरी-चना, हलवा आदि
  • ज्यादा तला-भुना या भारी भोजन से बचें

ध्यान रखने वाली बातें

  • पारण हमेशा शुभ मुहूर्त में करें
  • कन्या पूजन के बिना पारण अधूरा माना जाता है
  • व्रत खोलते समय पहले देवी को भोग लगाएं

निष्कर्ष

चाहे आप 28 मार्च (अष्टमी) को पारण करें या 29 मार्च (नवमी) को, दोनों ही मान्य हैं। जरूरी है आपकी श्रद्धा और सही विधि। विधिपूर्वक पारण करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

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