बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के प्रमुख
अलीरेजा तंगसीरी की एक हवाई हमले में मौत हो गई है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है और ईरान की ओर से भी इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अलीरेजा तंगसीरी ईरान की सैन्य संरचना में एक बेहद अहम और प्रभावशाली अधिकारी माने जाते थे। वह इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना शाखा के कमांडर थे, जो विशेष रूप से फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सुरक्षा और नियंत्रण की जिम्मेदारी संभालती है।
तंगसीरी को हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य पर कड़ी निगरानी और आवश्यकता पड़ने पर उसे बंद करने की रणनीति तैयार करने का दायित्व सौंपा गया था। यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में शामिल है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या टकराव का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, तंगसीरी अपने आक्रामक रुख और रणनीतिक सोच के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कई बार अमेरिका और उसके सहयोगियों को चेतावनी दी थी कि अगर ईरान के हितों को नुकसान पहुंचाया गया, तो होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किया जा सकता है। उनके नेतृत्व में IRGC ने इस क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी और ताकत को काफी मजबूत किया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तंगसीरी की मौत की पुष्टि होती है, तो यह पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव को और बढ़ा सकता है। इससे ईरान और इस्राइल के बीच टकराव और तेज हो सकता है, जिसका असर वैश्विक तेल बाजार और सुरक्षा हालात पर भी पड़ेगा।
फिलहाल, दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि ईरान इस दावे पर क्या प्रतिक्रिया देता है और आने वाले दिनों में क्षेत्र की स्थिति किस दिशा में जाती है।
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