शिक्षा, नवाचार और महिलाओं की भागीदारी ही विकसित भारत की कुंजी: पीएम मोदी


 केंद्रीय बजट 2026-27 के बाद शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित पोस्ट-बजट वेबिनार की शुरुआत हो गई है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में देशभर से शिक्षाविद्, विश्वविद्यालयों के प्रमुख, विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि, उद्योग से जुड़े हितधारक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। वेबिनार का मुख्य उद्देश्य बजट में घोषित योजनाओं को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सुझाव और रणनीति तैयार करना है।

वेबिनार को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में शिक्षा, नवाचार और महिलाओं की भागीदारी बेहद अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि यदि देश को आने वाले वर्षों में वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है, तो शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना होगा और युवाओं को आधुनिक कौशल से लैस करना होगा।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि देश में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों को नए विचारों और तकनीकों के विकास का केंद्र बनाना होगा, ताकि भारत वैश्विक ज्ञान अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत पहचान बना सके।

वेबिनार के दौरान पीएम मोदी ने बजट 2026-27 में की गई कई अहम घोषणाओं का जिक्र किया। इनमें शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने, नए विश्वविद्यालय टाउनशिप के निर्माण और युवाओं के लिए बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने जैसे कदम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा देना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।

इस कार्यक्रम की थीम ‘सबका साथ, सबका विकास: जन आकांक्षाओं की पूर्ति’ रखी गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि विकास की प्रक्रिया में समाज के हर वर्ग को समान अवसर मिले। खासतौर पर महिलाओं और युवाओं को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वे देश की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में सरकार और निजी संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाना जरूरी है। इससे नई तकनीकों, स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने सभी शिक्षाविदों और विशेषज्ञों से आग्रह किया कि वे बजट में घोषित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अपने सुझाव दें, ताकि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में तेज गति से आगे बढ़ा जा सके।

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