आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर लंबे समय से यह बहस चल रही है कि क्या यह इंसानों की नौकरियां खत्म कर देगा। इस बीच एआई कंपनी Anthropic की एक नई स्टडी ने इस बहस को नया मोड़ दे दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल एआई के कारण बड़े पैमाने पर बेरोजगारी (Mass Unemployment) के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन युवाओं और फ्रेशर्स के लिए एंट्री-लेवल नौकरियों के अवसर धीरे-धीरे कम होते नजर आ रहे हैं।
एआई का असर किस पर ज्यादा?
स्टडी के अनुसार एआई फिलहाल कई पेशों में इंसानों की जगह पूरी तरह नहीं ले रहा है। बल्कि यह ज्यादातर कामों में इंसानों की मदद करने वाले टूल के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन समस्या वहां आ रही है जहां पहले एंट्री-लेवल कर्मचारियों को साधारण या दोहराए जाने वाले काम दिए जाते थे। अब वही काम एआई टूल्स तेजी से कर पा रहे हैं।
इस वजह से कंपनियां शुरुआती स्तर के कर्मचारियों की भर्ती कम कर रही हैं। यानी अनुभवी कर्मचारियों की नौकरियां अभी सुरक्षित हैं, लेकिन करियर शुरू करने वाले युवाओं के लिए अवसर सीमित हो रहे हैं।
फ्रेशर्स के लिए क्यों घट रही हायरिंग?
रिपोर्ट में बताया गया है कि एआई टूल्स के कारण कंपनियों को कई बेसिक कामों के लिए कम कर्मचारियों की जरूरत पड़ रही है। पहले डेटा एंट्री, रिसर्च, कंटेंट ड्राफ्टिंग या शुरुआती विश्लेषण जैसे काम फ्रेशर्स को दिए जाते थे, लेकिन अब इनमें एआई की भूमिका बढ़ गई है।
इसका मतलब यह नहीं है कि नौकरियां खत्म हो रही हैं, बल्कि नौकरी की प्रकृति बदल रही है। कंपनियां अब ऐसे कर्मचारियों को ज्यादा महत्व दे रही हैं जिनके पास विश्लेषणात्मक सोच, रचनात्मकता और एआई के साथ काम करने की क्षमता हो।
बड़े पैमाने पर बेरोजगारी का खतरा नहीं
स्टडी में यह भी साफ किया गया है कि फिलहाल एआई के कारण बड़े स्तर पर बेरोजगारी का कोई स्पष्ट संकेत नहीं है। कई क्षेत्रों में एआई नई तरह की नौकरियां भी पैदा कर रहा है, जैसे एआई ट्रेनिंग, डेटा क्यूरेशन, एआई सुरक्षा और एआई प्रोडक्ट मैनेजमेंट।
युवाओं के लिए क्या है संदेश?
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में युवाओं को केवल पारंपरिक स्किल्स पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्हें एआई टूल्स को समझने, डेटा विश्लेषण, क्रिटिकल थिंकिंग और डिजिटल स्किल्स पर ध्यान देना होगा।
कुल मिलाकर एंथ्रोपिक की यह रिपोर्ट बताती है कि एआई फिलहाल नौकरियां खत्म नहीं कर रहा है, लेकिन नौकरी के बाजार में बदलाव जरूर ला रहा है। खासकर करियर की शुरुआत करने वाले युवाओं के लिए प्रतिस्पर्धा पहले से ज्यादा कठिन होती जा रही है।
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