आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच कई कंपनियों द्वारा की जा रही छंटनी पर NVIDIA के सीईओ जेनसेन हुआंग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने साफ कहा कि AI के नाम पर कर्मचारियों को हटाना दूरदर्शिता की कमी को दर्शाता है।
जेनसेन हुआंग का मानना है कि AI का असली मकसद इंसानों की जगह लेना नहीं, बल्कि उनकी क्षमताओं को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि जो कंपनियां AI को सिर्फ लागत कम करने के साधन के रूप में देख रही हैं, वे इसकी असली ताकत को समझने में नाकाम हैं। उनके मुताबिक, AI का सही उपयोग करने वाली कंपनियां कर्मचारियों को हटाने के बजाय उन्हें और ज्यादा सक्षम बनाती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि टेक्नोलॉजी हमेशा नई संभावनाएं लेकर आती है। इतिहास गवाह है कि हर नई तकनीक के साथ नौकरियों का स्वरूप बदलता है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं होता। ऐसे में AI को खतरे के बजाय अवसर के रूप में देखने की जरूरत है।
इस दौरान जेनसेन हुआंग ने युवाओं को खास सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वही लोग आगे बढ़ेंगे जो नई तकनीकों को अपनाने और सीखने के लिए तैयार रहेंगे। AI, मशीन लर्निंग और कंप्यूटिंग से जुड़ी स्किल्स सीखना अब बेहद जरूरी हो गया है।
उन्होंने कंपनियों को भी चेताया कि अगर वे केवल शॉर्टकट अपनाकर कर्मचारियों की संख्या कम करती हैं, तो लंबे समय में उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। AI का सही उपयोग इनोवेशन और ग्रोथ के लिए होना चाहिए, न कि सिर्फ खर्च घटाने के लिए।
कुल मिलाकर, NVIDIA के सीईओ का यह बयान AI को लेकर चल रही बहस में एक नया दृष्टिकोण पेश करता है—जहां तकनीक और मानव क्षमता एक-दूसरे के पूरक बन सकते हैं, न कि प्रतिस्पर्धी।
0 टिप्पणियाँ