भारत में डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ Deepfake कंटेंट का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। हाल ही में आई एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश में डीपफेक मामलों में पिछले कुछ वर्षों में लगभग 900% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक ऑनलाइन फैलने वाले आपत्तिजनक डीपफेक वीडियो में 90% से ज्यादा मामलों में महिलाएं निशाना बन रही हैं, जो साइबर सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार डीपफेक तकनीक Artificial Intelligence और मशीन लर्निंग की मदद से बनाई जाती है। इसमें किसी व्यक्ति की तस्वीर, आवाज या वीडियो को इस तरह एडिट किया जाता है कि वह असली जैसा लगे। यही वजह है कि कई बार आम लोग इस तरह के फर्जी वीडियो को पहचान नहीं पाते और यह तेजी से सोशल मीडिया पर फैल जाते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि डीपफेक का इस्तेमाल अक्सर किसी की छवि खराब करने, ब्लैकमेल करने या फर्जी जानकारी फैलाने के लिए किया जाता है। खासकर महिलाओं से जुड़े मामलों में यह समस्या ज्यादा गंभीर हो जाती है, क्योंकि कई बार उनके चेहरों का इस्तेमाल कर आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाते हैं और इंटरनेट पर वायरल कर दिए जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप्स पर कंटेंट तेजी से फैलने की वजह से डीपफेक को रोकना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। कई मामलों में पीड़ितों को पता भी नहीं चलता कि उनका चेहरा या आवाज इस्तेमाल कर नकली वीडियो तैयार कर दिया गया है।
भारत में बढ़ते डीपफेक मामलों को देखते हुए सरकार और टेक कंपनियां इस पर नियंत्रण के लिए नए कदम उठाने पर विचार कर रही हैं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस समस्या से निपटने के लिए मजबूत कानून, बेहतर टेक्नोलॉजी और लोगों में डिजिटल जागरूकता बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि किसी भी संदिग्ध वीडियो या फोटो को बिना जांचे-परखे आगे शेयर न करें। साथ ही यदि किसी व्यक्ति को लगे कि उसकी तस्वीर या वीडियो का गलत इस्तेमाल किया गया है, तो तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
डिजिटल युग में **Deepfake तकनीक जहां कई सकारात्मक कामों में उपयोगी साबित हो सकती है, वहीं इसके दुरुपयोग से समाज और व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा भी पैदा हो रहा है। इसलिए आने वाले समय में इस तकनीक को नियंत्रित करना और इसके खिलाफ जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
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