भारत में अगली पीढ़ी की इंटरनेट तकनीक 6G को लेकर तैयारी तेज हो गई है। सरकार ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 6G से जुड़ी रिसर्च और विकास परियोजनाओं के लिए भारी निवेश की घोषणा की है।
केंद्रीय संचार राज्य मंत्री Pemmasani Chandra Sekhar ने Rajya Sabha में जानकारी देते हुए बताया कि भारत के 6G विजन को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने लगभग 271 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस फंड का उपयोग नई तकनीक के शोध, परीक्षण और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि 6G तकनीक मौजूदा 5G नेटवर्क से कई गुना तेज इंटरनेट स्पीड देने में सक्षम होगी। विशेषज्ञों के मुताबिक 6G की मदद से डेटा ट्रांसफर की गति बेहद तेज हो जाएगी, जिससे वर्चुअल रियलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्मार्ट सिटी और ऑटोमेशन जैसी तकनीकों को और मजबूती मिलेगी।
सरकार का लक्ष्य है कि भारत इस नई तकनीक के विकास में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो। इसी उद्देश्य से देश में रिसर्च संस्थानों, विश्वविद्यालयों और टेक कंपनियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।
टेलीकॉम विशेषज्ञों का मानना है कि 6G तकनीक आने के बाद इंटरनेट का अनुभव पूरी तरह बदल सकता है। इससे स्मार्ट डिवाइस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ड्रोन तकनीक और डिजिटल सेवाओं का विस्तार और तेजी से होगा।
हालांकि फिलहाल भारत में 5G नेटवर्क का विस्तार जारी है, लेकिन सरकार पहले से ही भविष्य की तकनीक पर काम शुरू कर चुकी है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में 6G तकनीक के परीक्षण और विकास में भारत की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होगी।
कुल मिलाकर, 6G की तैयारी यह संकेत देती है कि देश डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में इंटरनेट की गति और क्षमता दोनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
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