चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो चुका है। इस दौरान मां दुर्गा की आराधना करने से जीवन की कई समस्याओं का समाधान मिलता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार दुर्गा सप्तशती का पाठ बेहद फलदायी माना जाता है, लेकिन यदि समय या विधि के अभाव में इसे पूरा पढ़ पाना संभव न हो, तो देवी के विशेष मंत्रों का जाप भी समान फल देने वाला माना गया है।
यहां जानिए माता दुर्गा के 18 प्रभावशाली मंत्र, जिनका नवरात्रि में जप करना अत्यंत शुभ माना जाता है:
माता के 18 मंत्र
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ॐ दुं दुर्गायै नमः॥
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ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥
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ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नमः॥
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ॐ कात्यायन्यै विद्महे॥
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ॐ महिषासुरमर्दिन्यै नमः॥
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ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके॥
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ॐ शरणागत दीनार्त परित्राण परायणे॥
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ॐ सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तुते॥
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ॐ देवी महालक्ष्म्यै नमः॥
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ॐ देवी महासरस्वत्यै नमः॥
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ॐ कालरात्र्यै नमः॥
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ॐ स्कन्दमातायै नमः॥
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ॐ कूष्माण्डायै नमः॥
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ॐ ब्रह्मचारिण्यै नमः॥
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ॐ शैलपुत्र्यै नमः॥
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ॐ सिद्धिदात्र्यै नमः॥
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ॐ चन्द्रघंटायै नमः॥
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ॐ कात्यायन्यै नमः॥
मंत्र जप का महत्व
इन मंत्रों का नियमित जाप करने से:
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मानसिक शांति मिलती है
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नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
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घर में सुख-समृद्धि आती है
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बाधाएं और संकट दूर होते हैं
कैसे करें मंत्र जप?
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सुबह स्नान के बाद स्वच्छ स्थान पर बैठें
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मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीप जलाएं
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लाल फूल और प्रसाद अर्पित करें
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कम से कम 108 बार मंत्र जप करें
निष्कर्ष
दुर्गा सप्तशती का पाठ न कर पाने की स्थिति में ये 18 मंत्र भी उतने ही प्रभावशाली माने गए हैं। सच्चे मन और श्रद्धा से किया गया जप मां दुर्गा की कृपा पाने का सरल और प्रभावी माध्यम है। नवरात्रि के इन पावन दिनों में इन मंत्रों का जाप जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
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