आजकल तेजी से बदलती लाइफस्टाइल, तनाव और गलत खानपान की वजह से थायरॉइड की समस्या आम होती जा रही है। इसके प्रमुख लक्षणों में वजन का तेजी से बढ़ना या घटना, लगातार थकान, चिड़चिड़ापन, बाल झड़ना और नींद की परेशानी शामिल है। विशेषज्ञ मानते हैं कि दवाओं के साथ-साथ योग को दिनचर्या में शामिल करना थायरॉइड मैनेजमेंट में सहायक हो सकता है।
योग न सिर्फ शरीर को लचीला बनाता है, बल्कि हार्मोनल बैलेंस सुधारने में भी मदद करता है। नियमित अभ्यास से तनाव कम होता है, मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और शरीर की ऊर्जा बढ़ती है, जो थायरॉइड मरीजों के लिए बेहद जरूरी है।
थायरॉइड के लिए फायदेमंद योगासन
1. सर्वांगासन (Shoulder Stand)
यह आसन थायरॉइड ग्रंथि को सक्रिय करने में मदद करता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट मिलता है।
ध्यान रखें: गर्दन की समस्या या हाई बीपी में इसे डॉक्टर की सलाह से करें।
2. मत्स्यासन (Fish Pose)
यह आसन गले और थायरॉइड क्षेत्र पर हल्का दबाव डालता है, जिससे ग्रंथि के कामकाज को सहारा मिलता है। साथ ही यह तनाव और थकान भी कम करता है।
3. भुजंगासन (Cobra Pose)
भुजंगासन रीढ़ को मजबूत करता है और हार्मोनल संतुलन में मददगार माना जाता है। इससे सुस्ती दूर होती है और ऊर्जा का स्तर बढ़ता है।
4. सेतु बंधासन (Bridge Pose)
यह आसन गर्दन, छाती और थायरॉइड क्षेत्र को स्ट्रेच करता है। नियमित अभ्यास से मानसिक शांति और बेहतर नींद में भी मदद मिलती है।
5. प्राणायाम (अनुलोम-विलोम और भ्रामरी)
प्राणायाम तनाव घटाने में बेहद असरदार है। अनुलोम-विलोम से ऑक्सीजन सप्लाई बेहतर होती है, जबकि भ्रामरी मन को शांत करती है और हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी बेचैनी कम करती है।
जरूरी सावधानियां
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योग को नियमित और सही तकनीक से करें
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खाली पेट या हल्के पेट योग करना बेहतर
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थायरॉइड की दवा बंद न करें, योग को पूरक उपचार के रूप में अपनाएं
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किसी भी नई परेशानी में योग विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लें
कुल मिलाकर, अगर बढ़ते वजन और लगातार थकान से परेशान हैं, तो योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाइए। यह शरीर ही नहीं, मन और हार्मोनल सेहत को भी संतुलित रखने में मदद कर सकता है।
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