Yes Bank Fraud Case: यस बैंक और बुकमायफॉरेक्स से जुड़े मल्टी-करेंसी प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड में कथित डेटा ब्रीच के बाद करोड़ों रुपये की अनधिकृत ट्रांजैक्शन का मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए Reserve Bank of India (RBI) ने Yes Bank के सीनियर अधिकारियों को तलब कर जवाब मांगा है।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि हैकर्स ने मल्टी-करेंसी प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड से जुड़ी कुछ संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच बना ली। इसके बाद कई ग्राहकों के कार्ड से बिना उनकी अनुमति के विदेशी वेबसाइट्स पर ट्रांजैक्शन किए गए। चौंकाने वाली बात यह रही कि कुछ मामलों में CVV डाले बिना भी भुगतान हो गया।
बिना CVV के कैसे हो सकती है ट्रांजैक्शन?
साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसके पीछे कई संभावित वजहें हो सकती हैं:
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डेटा ब्रीच या डेटाबेस एक्सपोजर
अगर कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट और अन्य डिटेल्स किसी थर्ड-पार्टी सिस्टम से लीक हो जाएं, तो हैकर्स “कार्ड-नॉट-प्रेजेंट” (CNP) ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। -
इंटरनेशनल मर्चेंट्स पर CVV अनिवार्य न होना
कुछ विदेशी वेबसाइट्स पर CVV वैरिफिकेशन अनिवार्य नहीं होता। ऐसे में सिर्फ कार्ड नंबर और एक्सपायरी डेट से भी पेमेंट संभव हो सकता है। -
टोकनाइजेशन/ऑटो-सेव्ड कार्ड डेटा का दुरुपयोग
यदि किसी प्लेटफॉर्म पर कार्ड पहले से सेव था और वहां सुरक्षा में खामी रही, तो हैकर्स उसका फायदा उठा सकते हैं। -
फिशिंग या मैलवेयर अटैक
ग्राहकों के ईमेल/फोन पर फिशिंग लिंक के जरिए डिटेल्स चुराई गई हों और बाद में उनका दुरुपयोग किया गया हो।
RBI ने क्यों लिया संज्ञान?
मामले में बड़ी राशि और विदेशी ट्रांजैक्शन शामिल होने के कारण Reserve Bank of India ने बैंक से पूरी रिपोर्ट मांगी है। रेगुलेटर आमतौर पर ऐसे मामलों में:
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साइबर सिक्योरिटी ऑडिट
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डेटा प्रोटेक्शन मैकेनिज्म की समीक्षा
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प्रभावित ग्राहकों को रिफंड/कम्पनसेशन
जैसे कदम सुनिश्चित करता है।
ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
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तुरंत कार्ड ब्लॉक कराएं यदि संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे
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बैंक ऐप में इंटरनेशनल और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन बंद रखें (जरूरत पर ही ऑन करें)
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SMS/ईमेल अलर्ट सक्रिय रखें
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अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें
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नियमित रूप से स्टेटमेंट जांचें
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