World Cancer Day 2026: क्या मोबाइल, Wi-Fi और 5G से कैंसर होता है? सच जानना है तो पढ़ें ये रिपोर्ट


 World Cancer Day 2026 पर कैंसर को लेकर कई सवाल फिर से चर्चा में हैं। साल 2022 में दुनियाभर में करीब 2 करोड़ नए कैंसर केस सामने आए और 97 लाख से ज्यादा लोगों की मौत इस बीमारी से हुई। ऐसे में लोगों के मन में डर और शंकाएं होना स्वाभाविक है। सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या मोबाइल फोन, Wi-Fi और 5G जैसी आधुनिक तकनीकें कैंसर की वजह बन रही हैं?

मोबाइल, Wi-Fi और 5G: डर कहां से आया?

मोबाइल फोन, वाई-फाई राउटर और 5G नेटवर्क रेडियोफ्रीक्वेंसी (RF) रेडिएशन का इस्तेमाल करते हैं। यह नॉन-आयोनाइजिंग रेडिएशन होती है, यानी इसमें इतनी ऊर्जा नहीं होती कि यह डीएनए को नुकसान पहुंचाकर सीधे कैंसर पैदा कर सके। फिर भी सोशल मीडिया और कुछ अधूरी रिपोर्ट्स की वजह से यह धारणा बनी कि ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल कैंसर का कारण बन सकता है।

वैज्ञानिक रिसर्च क्या कहती है?

अब तक हुई बड़ी वैज्ञानिक स्टडीज़ और वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों की राय के मुताबिक, मोबाइल, Wi-Fi या 5G से कैंसर होने का ठोस सबूत नहीं मिला है

  • WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) और अन्य हेल्थ बॉडीज़ का कहना है कि आम इस्तेमाल के स्तर पर मोबाइल रेडिएशन कैंसर का सीधा कारण साबित नहीं हुआ है।

  • कुछ पुराने अध्ययनों में लंबे समय तक बहुत ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल और ब्रेन ट्यूमर के बीच हल्का सा संबंध बताया गया, लेकिन बाद की रिसर्च में इसे निर्णायक नहीं माना गया।

फिर कैंसर के मामले क्यों बढ़ रहे हैं?

विशेषज्ञों के मुताबिक कैंसर बढ़ने के पीछे असली कारण कुछ और हैं, जैसे:

  • तंबाकू और शराब का सेवन

  • अनहेल्दी डाइट और मोटापा

  • प्रदूषण और केमिकल्स का संपर्क

  • शारीरिक गतिविधि की कमी

  • तनाव और खराब जीवनशैली
    इसके अलावा, जांच और डायग्नोसिस बेहतर होने से भी आज पहले की तुलना में ज्यादा कैंसर केस रिपोर्ट हो रहे हैं।

क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

हालांकि मोबाइल और 5G से कैंसर का कोई पुख्ता सबूत नहीं है, फिर भी संतुलन हमेशा बेहतर होता है।

  • लंबे समय तक कॉल पर रहने से बचें, जरूरत हो तो हैंड्स-फ्री का इस्तेमाल करें।

  • सोते समय मोबाइल को सिर से दूर रखें।

  • बच्चों में स्क्रीन टाइम सीमित रखें।

नतीजा क्या है?

World Cancer Day 2026 के मौके पर साफ संदेश यही है—कैंसर का डर तकनीक से नहीं, बल्कि गलत आदतों से ज्यादा जुड़ा है। मोबाइल, Wi-Fi और 5G आज की जरूरत हैं और मौजूदा वैज्ञानिक सबूतों के मुताबिक ये कैंसर के सीधे कारण नहीं हैं। असली फोकस होना चाहिए हेल्दी लाइफस्टाइल, समय पर जांच और जागरूकता पर।

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