1 मार्च 2026 से भारत में रोज-मर्रा की जिंदगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदलने जा रहे हैं। इन बदलावों का असर मोबाइल इस्तेमाल, डिजिटल भुगतान, रेल टिकट बुकिंग, सिम कार्ड सुरक्षा और बैंकिंग नियमों पर सीधा पड़ेगा।
1. सिम बाइंडिंग नियम लागू
अब मैसेजिंग ऐप्स जैसे व्हाट्सएप, टेलीग्राम और सिग्नल सीधे आपके सिम कार्ड से जुड़े होंगे। इसका मतलब है कि:
-
बिना सक्रिय सिम वाले फोन में ये ऐप्स काम नहीं करेंगे।
-
व्हाट्सएप Web या अन्य लिंक डिवाइस फीचर में भी समय-समय पर लग-आउट/री-लॉगिन जैसी सुरक्षा उपाय लागू होंगे।
-
यह कदम साइबर धोखाधड़ी रोकने और यूजर पहचान सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
ऐसे में अगर आपका सिम नहीं सक्रिय है या फोन में नहीं है, तो ऐप काम नहीं करेगा।
2. UPI पेमेंट में सुरक्षा बढ़ेगी
डिजिटल भुगतान सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अब बड़ी राशि वाले UPI लेन-देन में अतिरिक्त प्रमाणीकरण की आवश्यकता हो सकती है।
-
केवल UPI PIN नहीं, बल्कि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन/मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन होना जरूरी हो सकता है।
-
इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले कम होने की उम्मीद है।
3. रेलवे टिकटिंग में बदलाव
भारतीय रेलवे 1 मार्च से पुराना UTS ऐप हटा देगा और उसकी जगह RailOne ऐप को लागू करेगा – जिससे टिकट बुकिंग और भुगतान और ज्यादा सरल बनाया जाएगा।
-
यात्री प्लेटफॉर्म टिकट और जनरल टिकट इसी ऐप से बुक कर सकेंगे।
-
पुराने ऐप में समस्याएँ आ सकती हैं, इसलिए नया ऐप पहले से डाउनलोड कर लेना बेहतर है।
4. LPG और अन्य कीमतें
1 मार्च को हर महीने की तरह रसोई गैस (LPG), CNG/PNG और दूसरे ईंधन की कीमतों की समीक्षा होगी।
-
इससे घरेलू बजट और छोटे व्यापारियों के खर्च पर असर पड़ सकता है – कीमतें ऊपर-नीचे हो सकती हैं।
5. बैंकिंग नियमों में बदलाव
कई बैंकों में मिनिमम बैलेंस नियम का सिस्टम बदल सकता है।
-
अब पेनल्टी दैनिक बैलेंस के बजाय औसत मासिक बैलेंस पर आधारित होगी, जिससे ग्राहकों को राहत मिल सकती है।
कुल मिलाकर, 1 मार्च से लागू होने वाले ये नियम आपकी डिजिटल आदतों, भुगतान सुरक्षा, मोबाइल ऐप उपयोग और दैनिक खर्चों को प्रभावित करेंगे। इसलिए बदलावों को समझकर पहले से तैयारी कर लें — खासकर अगर आप डिजिटल भुगतान, सिम-आधारित ऐप्स और रेल टिकटिंग सेवाओं का नियमित उपयोग करते हैं।
0 टिप्पणियाँ