1. मोबाइल हेल्थ वैन का विस्तार
ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए मोबाइल हेल्थ वैन की संख्या बढ़ाने की घोषणा की गई है। इन वैन में बेसिक जांच सुविधाएं, दवाएं और टेलीमेडिसिन सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे गांवों में रहने वाले लोगों को जिला अस्पताल तक जाने की जरूरत कम होगी।
2. कैंसर उपचार सुविधाओं का विस्तार
कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने जिला स्तर पर कैंसर स्क्रीनिंग और उपचार केंद्रों को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नई ऑन्कोलॉजी यूनिट स्थापित करने की भी योजना है।
3. डायबिटीज और अन्य गैर-संचारी रोगों पर फोकस
डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसी नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज (NCD) की रोकथाम और जांच के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नियमित स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान के लिए धन आवंटित किया गया है।
4. डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती
सरकारी अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर करने के लिए नए पदों के सृजन और भर्ती प्रक्रिया तेज करने का ऐलान किया गया है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
5. डिजिटल और एआई आधारित हेल्थ सिस्टम
स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, टेलीमेडिसिन और एआई आधारित डायग्नोस्टिक सिस्टम पर निवेश बढ़ाया गया है। इससे मरीजों का डेटा सुरक्षित रहेगा और इलाज की प्रक्रिया तेज होगी।
6. इमरजेंसी और एंबुलेंस सेवाओं को मजबूती
108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के विस्तार और अपग्रेडेशन के लिए भी अतिरिक्त बजट रखा गया है, ताकि आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता मिल सके।
समग्र लक्ष्य
UP Budget 2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए किया गया प्रावधान यह दर्शाता है कि सरकार ‘सबके लिए बेहतर स्वास्थ्य’ के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। ग्रामीण पहुंच, गंभीर बीमारियों का इलाज, डिजिटल सुधार और मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण—इन सभी पहलुओं पर संतुलित ध्यान दिया गया है।
कुल मिलाकर, यह बजट प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक सुलभ, आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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