आजकल मेंटल हेल्थ को लेकर जागरूकता बढ़ी है, लेकिन अब भी कई लोग Stress (मानसिक तनाव) और Anxiety (एग्जाइटी) को एक ही मान लेते हैं। दोनों में कुछ लक्षण समान हो सकते हैं, लेकिन इनकी प्रकृति, कारण और प्रभाव अलग होते हैं। आइए सरल भाषा में समझते हैं इन दोनों के बीच का अंतर।
1. स्ट्रेस (Stress) क्या है?
स्ट्रेस आमतौर पर किसी बाहरी कारण (External Trigger) से पैदा होता है।
जैसे –
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ऑफिस का प्रेशर
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परीक्षा का तनाव
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आर्थिक समस्या
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रिश्तों में टकराव
जब समस्या खत्म हो जाती है, तो स्ट्रेस भी अक्सर कम हो जाता है। यह एक सामान्य प्रतिक्रिया है, जो हमें चुनौती से निपटने के लिए तैयार करती है।
लक्षण:
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चिड़चिड़ापन
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सिरदर्द
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नींद में कमी
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दिल की धड़कन तेज होना
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मांसपेशियों में जकड़न
2. एग्जाइटी (Anxiety) क्या है?
एग्जाइटी हमेशा किसी स्पष्ट बाहरी कारण से जुड़ी नहीं होती।
कई बार बिना किसी ठोस वजह के भी व्यक्ति को लगातार डर, घबराहट या बेचैनी महसूस होती है। यह लंबे समय तक बनी रह सकती है और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर सकती है।
लक्षण:
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लगातार चिंता
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घबराहट या पैनिक
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सांस लेने में तकलीफ
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ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
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बेचैनी
अगर एग्जाइटी लंबे समय तक बनी रहे और कामकाज या रिश्तों पर असर डाले, तो यह एंग्जायटी डिसऑर्डर का संकेत हो सकता है।
मुख्य अंतर एक नजर में
| आधार | स्ट्रेस | एग्जाइटी |
|---|---|---|
| कारण | बाहरी परिस्थिति | अक्सर अंदरूनी या अस्पष्ट |
| अवधि | समस्या खत्म होने पर कम | लंबे समय तक रह सकती है |
| नियंत्रण | स्थिति बदलने से कम हो सकता है | प्रोफेशनल मदद की जरूरत पड़ सकती है |
| प्रभाव | अस्थायी दबाव | लगातार मानसिक बोझ |
कब लें मदद?
अगर बेचैनी, डर या तनाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगे, नींद खराब हो जाए या पैनिक अटैक आने लगें, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
निष्कर्ष
स्ट्रेस और एग्जाइटी एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन दोनों अलग स्थितियां हैं। स्ट्रेस एक सामान्य प्रतिक्रिया है, जबकि एग्जाइटी लंबे समय तक चलने वाली मानसिक स्थिति हो सकती है। सही पहचान और समय पर मदद से मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखा जा सकता है।
अपनी भावनाओं को समझना और स्वीकार करना ही बेहतर मानसिक स्वास्थ्य की पहली सीढ़ी है।
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