SC/ST एक्ट के खिलाफ 7 फरवरी से दिल्ली में आंदोलन, अलंकार अग्निहोत्री का बड़ा ऐलान


 उत्तर प्रदेश से एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक बयान सामने आया है। बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अनुसूचित जाति–अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अत्याचार निवारण अधिनियम के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यदि 6 फरवरी तक SC/ST एक्ट को वापस नहीं लिया गया, तो 7 फरवरी से दिल्ली में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

अलंकार अग्निहोत्री ने यह घोषणा शंकराचार्य से आशीर्वाद लेने के बाद की। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि देश के उन नागरिकों की आवाज है जो इस कानून के दुरुपयोग से खुद को पीड़ित मानते हैं। उनका दावा है कि SC/ST एक्ट की मौजूदा व्यवस्था में संतुलन की कमी है और इसका इस्तेमाल कई बार निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए किया जा रहा है।

उन्होंने केंद्र सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तय समय सीमा के भीतर कानून को वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। अग्निहोत्री ने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ी तो “केंद्र सरकार को उखाड़ फेंकने” तक की लड़ाई लड़ी जाएगी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

अलंकार अग्निहोत्री का कहना है कि उनका उद्देश्य समाज में किसी तरह का विभाजन पैदा करना नहीं है, बल्कि न्यायसंगत और संतुलित कानून की मांग करना है। उन्होंने अपील की कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करे और सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए फैसला ले। उनके अनुसार, किसी भी कानून का मकसद सामाजिक न्याय होना चाहिए, न कि भय और असंतोष का माहौल बनाना।

उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में होने वाला आंदोलन शांतिपूर्ण होगा, लेकिन इसकी आवाज देशभर में सुनाई देगी। आंदोलन में विभिन्न राज्यों से लोग शामिल होंगे और सरकार पर लोकतांत्रिक तरीके से दबाव बनाया जाएगा। अग्निहोत्री ने समर्थकों से अनुशासन बनाए रखने और आंदोलन को अहिंसक रखने की अपील की है।

इस ऐलान के बाद प्रशासन और राजनीतिक दलों की नजरें अब 6 फरवरी की समयसीमा और 7 फरवरी से प्रस्तावित आंदोलन पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि केंद्र सरकार इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेती है और SC/ST एक्ट को लेकर क्या रुख अपनाती है।

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