आज के डिजिटल दौर में इंटरनेट बच्चों की पढ़ाई, जानकारी और मनोरंजन का बड़ा जरिया बन चुका है। ऑनलाइन क्लास, यूट्यूब वीडियो और सोशल मीडिया ने बच्चों की दुनिया को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ ही एक बड़ा खतरा भी जुड़ा है—आपत्तिजनक और एडल्ट कंटेंट। Safer Internet Day 2026 के मौके पर यह सवाल और भी अहम हो जाता है कि क्या इंटरनेट वाकई आपके बच्चे के लिए सुरक्षित है?
असलियत यह है कि बिना सही निगरानी के स्मार्टफोन और इंटरनेट बच्चों को ऐसी दुनिया में ले जा सकते हैं, जहां उनकी उम्र और समझ के हिसाब से कंटेंट नहीं होता। कई रिपोर्ट्स बताती हैं कि कम उम्र में ही बच्चे अनजाने में एडल्ट वेबसाइट्स, हिंसक वीडियो और गलत सोशल मीडिया ट्रेंड्स के संपर्क में आ जाते हैं। ऐसे में माता-पिता की भूमिका सबसे अहम हो जाती है।
फोन देने से पहले क्यों जरूरी है पैरेंटल कंट्रोल?
पैरेंटल कंट्रोल सेटिंग्स माता-पिता को यह तय करने की सुविधा देती हैं कि बच्चा फोन पर क्या देख सकता है, कौन-सी ऐप इस्तेमाल कर सकता है और कितना स्क्रीन टाइम होगा। इससे न सिर्फ एडल्ट कंटेंट को ब्लॉक किया जा सकता है, बल्कि ऑनलाइन ठगी, साइबर बुलिंग और गलत लोगों से संपर्क जैसे खतरों से भी बचाव होता है।
Android और iPhone में मौजूद आसान सेटिंग्स
अगर आपके बच्चे के पास Android फोन है, तो Google Family Link एक बेहतरीन विकल्प है। इसकी मदद से आप ऐप डाउनलोड पर रोक, स्क्रीन टाइम लिमिट और वेबसाइट फिल्टर सेट कर सकते हैं। वहीं iPhone यूजर्स के लिए Screen Time फीचर बेहद काम का है, जिससे आप एडल्ट कंटेंट ब्लॉक करने के साथ-साथ ऐप्स की एक्सेस भी कंट्रोल कर सकते हैं।
सेफ ब्राउजिंग और यूट्यूब किड्स
ब्राउजर में SafeSearch ऑन करना बेहद जरूरी है, ताकि आपत्तिजनक सर्च रिजल्ट अपने आप फिल्टर हो जाएं। छोटे बच्चों के लिए YouTube Kids बेहतर विकल्प है, जहां कंटेंट उम्र के हिसाब से दिखाया जाता है और पैरेंट्स को कंट्रोल का पूरा अधिकार मिलता है।
कुछ जरूरी पैरेंटल कंट्रोल ऐप्स
अगर आप और ज्यादा सुरक्षा चाहते हैं, तो Qustodio, Norton Family, Kids Place जैसे ऐप्स मददगार साबित हो सकते हैं। ये ऐप्स रियल-टाइम मॉनिटरिंग, लोकेशन ट्रैकिंग और सोशल मीडिया एक्टिविटी पर नजर रखने की सुविधा देते हैं।
बातचीत भी है उतनी ही जरूरी
सिर्फ टेक्नोलॉजी ही काफी नहीं है। बच्चों से खुलकर बात करें, उन्हें समझाएं कि इंटरनेट पर क्या सही है और क्या गलत। अगर बच्चा किसी अजीब या गलत कंटेंट से परेशान हो, तो बिना डर आपके पास आ सके—यह भरोसा बनाना सबसे जरूरी है।
Safer Internet Day 2026 हमें यही याद दिलाता है कि बच्चों के हाथ में स्मार्टफोन देने से पहले सुरक्षा का कवच देना जरूरी है। थोड़ी-सी सावधानी आपके बच्चे को बड़े ऑनलाइन खतरों से बचा सकती है।
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