आज के डिजिटल दौर में इंटरनेट बच्चों की पढ़ाई, जानकारी और मनोरंजन का बड़ा जरिया बन चुका है। ऑनलाइन क्लास, एजुकेशनल ऐप्स और सोशल मीडिया ने बच्चों की दुनिया को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ ही जोखिम भी तेजी से बढ़े हैं। खासतौर पर रील्स और शॉर्ट वीडियो के ट्रेंड ने बच्चों को ऐसा कंटेंट दिखाया है, जो उनकी उम्र और मानसिक विकास के लिए सही नहीं माना जाता। ऐसे में
Safer Internet Day 2026 के मौके पर यह सवाल बेहद अहम हो जाता है—क्या इंटरनेट आपके बच्चे के लिए वाकई सुरक्षित है?
Safer Internet Day का इतिहास और उद्देश्य
Safer Internet Day हर साल फरवरी महीने में मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत 2004 में हुई थी। इसका उद्देश्य बच्चों और युवाओं को ऑनलाइन खतरों से बचाना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देना है। इस दिन का फोकस सिर्फ खतरे गिनाने पर नहीं, बल्कि माता-पिता और बच्चों को जागरूक करके इंटरनेट को सुरक्षित और सकारात्मक बनाने पर होता है।
रील्स और शॉर्ट्स क्यों बन रहे हैं खतरा?
रील और शॉर्ट वीडियो बेहद कम समय में ध्यान खींच लेते हैं। एल्गोरिदम बच्चों को लगातार नया कंटेंट दिखाता रहता है, जिससे स्क्रीन टाइम बढ़ता है और कई बार आपत्तिजनक, हिंसक या भ्रामक वीडियो भी सामने आ जाते हैं। इसका असर बच्चों की एकाग्रता, व्यवहार और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
फोन देने से पहले माता-पिता क्या करें?
सबसे पहले, बच्चे की उम्र के हिसाब से फोन और इंटरनेट की जरूरत तय करें। छोटे बच्चों को बिना निगरानी स्मार्टफोन देना जोखिम भरा हो सकता है। बेहतर है कि शुरुआत में पैरेंट्स खुद कंटेंट चुनें और समय सीमा तय करें।
ये आसान सेटिंग्स और ऐप्स बन सकते हैं मददगार
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Parental Control सेटिंग्स: Android और iOS दोनों में स्क्रीन टाइम, ऐप लिमिट और कंटेंट फिल्टर जैसे फीचर मौजूद हैं।
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Google Family Link / Apple Family Sharing: इन ऐप्स से आप बच्चे के फोन की गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं।
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YouTube Kids और Safe Search: बच्चों के लिए अलग प्लेटफॉर्म और सुरक्षित सर्च विकल्प का इस्तेमाल करें।
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ऐप डाउनलोड की अनुमति: बिना पैरेंट अप्रूवल के नए ऐप इंस्टॉल न हो, यह सेटिंग जरूर ऑन रखें।
बातचीत है सबसे बड़ा हथियार
तकनीकी सेटिंग्स के साथ-साथ बच्चों से खुलकर बात करना भी जरूरी है। उन्हें बताएं कि ऑनलाइन क्या सही है और क्या गलत। अगर बच्चा किसी गलत कंटेंट से असहज महसूस करे, तो बिना डर उसे माता-पिता से बात करने का भरोसा दें।
Safer Internet Day 2026 हमें याद दिलाता है कि इंटरनेट को पूरी तरह बंद करना समाधान नहीं है, बल्कि सही मार्गदर्शन और सुरक्षा के साथ इस्तेमाल सिखाना ही बच्चों के डिजिटल भविष्य को सुरक्षित बना सकता है।
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