रंगभरी एकादशी फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। यह पर्व खासतौर पर भगवान शिव और माता पार्वती से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि विवाह के बाद इसी दिन भगवान शिव माता पार्वती को पहली बार काशी लेकर आए थे और उनका भव्य स्वागत हुआ था।
रंगभरी एकादशी 2026 कब है?
साल 2026 में रंगभरी एकादशी 25 फरवरी 2026 (बुधवार) को मनाई जाएगी।
(तिथि का निर्धारण पंचांग के अनुसार किया जाता है, इसलिए स्थान अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।)
काशी में क्या होता है इस दिन?
उत्तर प्रदेश के वाराणसी (काशी) में यह दिन बेहद खास होता है।
प्रमुख आयोजन:
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काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ और माता गौरा का विशेष श्रृंगार।
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मंदिर में गुलाल और अबीर से होली खेली जाती है।
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भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है।
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भक्त बाबा को रंग अर्पित करते हैं और भजन-कीर्तन होते हैं।
इसी दिन से काशी में औपचारिक रूप से होली उत्सव की शुरुआत मानी जाती है।
धार्मिक महत्व
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यह पर्व दांपत्य प्रेम और शिव-पार्वती के मिलन का प्रतीक है।
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मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
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विवाह योग्य युवक-युवतियां इस दिन विशेष पूजा करते हैं।
निष्कर्ष
रंगभरी एकादशी सिर्फ होली की शुरुआत नहीं, बल्कि शिव-पार्वती के दिव्य मिलन का उत्सव है। खासकर काशी में इसका अलग ही आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है, जहां इस दिन से रंगों का उत्सव पूरे जोश के साथ शुरू हो जाता है।
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