अक्सर लोग सोचते हैं कि ब्रश करना सिर्फ दांतों को चमकदार और सांस को ताजा रखने के लिए जरूरी है। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, खराब ओरल हाइजीन सिर्फ मुंह तक सीमित समस्या नहीं है—यह दिल की सेहत के लिए भी ‘रेड फ्लैग’ बन सकती है।
कैसे जुड़ा है मुंह की सफाई और दिल?
मुंह में जमा बैक्टीरिया अगर ठीक से साफ न किए जाएं, तो वे मसूड़ों में सूजन (जिंजिवाइटिस) और पेरियोडोंटल डिजीज का कारण बन सकते हैं। रिसर्च बताती है कि मसूड़ों की सूजन से जुड़े बैक्टीरिया खून के जरिए शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंच सकते हैं, जिससे हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ सकता है।
मसूड़ों की बीमारी और हृदय रोग के बीच संबंध को लेकर कई अध्ययन हो चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक सूजन (क्रॉनिक इंफ्लेमेशन) हृदय की धमनियों को प्रभावित कर सकती है।
क्या रात में भी ब्रश करना जरूरी है?
हाँ, बिल्कुल। दिनभर खाने-पीने के बाद मुंह में फूड पार्टिकल्स और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। अगर रात में ब्रश नहीं किया जाए तो ये बैक्टीरिया पूरी रात पनपते रहते हैं, जिससे:
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कैविटी का खतरा बढ़ता है
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मसूड़ों में सूजन हो सकती है
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बदबू (बैड ब्रीथ) की समस्या होती है
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प्लाक और टार्टर जमा होता है
डेंटल एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि दिन में कम से कम दो बार ब्रश करें—सुबह और सोने से पहले।
ओरल हाइजीन के फायदे
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दांतों की मजबूती बनी रहती है
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मसूड़े स्वस्थ रहते हैं
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हार्ट हेल्थ को अप्रत्यक्ष लाभ
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आत्मविश्वास में बढ़ोतरी
किन बातों का रखें ध्यान?
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फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें
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कम से कम 2 मिनट तक ब्रश करें
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रोज फ्लॉसिंग करें
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हर 6 महीने में डेंटल चेकअप करवाएं
निष्कर्ष
ब्रश करना सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि पूरी सेहत से जुड़ी जिम्मेदारी है। खराब ओरल हाइजीन को हल्के में लेना भविष्य में गंभीर समस्याओं को न्योता दे सकता है। इसलिए दिन में दो बार ब्रश करने की आदत डालें और अपने दिल व दांत—दोनों की सुरक्षा करें।
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