एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट के औपचारिक शुभारंभ से पहले प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने भारत की तकनीकी प्रगति और वैश्विक नेतृत्व क्षमता को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि 1.4 अरब भारतीयों की सामूहिक शक्ति, मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम और अनुसंधान की ताकत के बल पर भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्रांति की अग्रिम पंक्ति में खड़ा है।
प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है। डिजिटल इंडिया अभियान, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), आधार और अन्य तकनीकी पहलों ने देश को एक मजबूत डिजिटल आधार प्रदान किया है। इसी आधार पर अब भारत एआई जैसे उभरते क्षेत्रों में वैश्विक मानक स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर केवल देश के नागरिकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए एक मॉडल बनकर उभरा है। स्टार्टअप इकोसिस्टम की तेजी से बढ़ती संख्या और युवाओं की नवाचार क्षमता भारत को एआई के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है।
प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि एआई का उपयोग मानवता के हित में होना चाहिए। तकनीक का उद्देश्य जीवन को सरल बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना और समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाना होना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत जिम्मेदार और नैतिक एआई विकास में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट में दुनिया भर के नीति-निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और शोधकर्ता भाग ले रहे हैं। यह मंच वैश्विक सहयोग, साझा मानकों और सुरक्षित एआई विकास पर विचार-विमर्श का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री का संदेश स्पष्ट है—भारत न केवल एआई युग के लिए तैयार है, बल्कि वह इस परिवर्तनकारी दौर में नेतृत्व करने की क्षमता भी रखता है। आने वाले दिनों में दुनिया भारत की तकनीकी ताकत और नवाचार की झलक देखेगी।
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