मोटापा और हार्ट का कनेक्शन
जब शरीर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है, तो दिल को खून पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे:
इसका नतीजा हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हार्ट फेलियर का बढ़ता खतरा होता है। वैज्ञानिक रूप से देखा जाए तो मोटापे की वजह से शरीर में सूजन (Inflammation) बढ़ती है, जो दिल की नसों को नुकसान पहुंचाती है।
लिवर पर कैसे असर डालता है वजन बढ़ना?
बहुत कम लोग जानते हैं कि मोटापा Fatty Liver Disease की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। ज्यादा वजन होने पर लिवर में फैट जमा होने लगता है, जिसे Non-Alcoholic Fatty Liver Disease (NAFLD) कहा जाता है।
अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या:
इसका कारण यह है कि मोटापे से शरीर का मेटाबॉलिज्म बिगड़ जाता है और लिवर फैट को ठीक से प्रोसेस नहीं कर पाता।
किडनी पर मोटापे का असर
मोटापा किडनी के लिए भी खामोश दुश्मन साबित होता है। ज्यादा वजन होने पर:
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किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है
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डायबिटीज और हाई बीपी का खतरा बढ़ता है, जो किडनी डिजीज की मुख्य वजहें हैं
वैज्ञानिकों के अनुसार, मोटापे से ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन प्रभावित होता है, जिससे किडनी धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है।
इसके पीछे का असली विज्ञान
मोटापा शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस, हार्मोनल असंतुलन और क्रॉनिक इंफ्लेमेशन को बढ़ाता है। यही तीन चीजें मिलकर दिल, लिवर और किडनी को अंदर से नुकसान पहुंचाती हैं। यह प्रक्रिया अचानक नहीं होती, बल्कि सालों में चुपचाप शरीर को बीमार बना देती है।
क्या करें?
याद रखें, वजन कंट्रोल सिर्फ खूबसूरती के लिए नहीं, बल्कि आपकी जिंदगी बचाने के लिए जरूरी है। समय रहते कदम उठाना ही सबसे बड़ा इलाज है।
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