NVIDIA CEO का बड़ा दावा: AI डेटा सेंटर से भारत में लौटेगा जॉब बूम, टेक से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक बढ़ेंगी नौकरियां


 दुनिया की दिग्गज चिपमेकर कंपनी NVIDIA के सीईओ ने भारत को लेकर एक बड़ा और सकारात्मक दावा किया है। उनके मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डेटा सेंटर्स का तेजी से विस्तार भारत में एक बार फिर जॉब बूम लेकर आएगा। इससे न सिर्फ आईटी सेक्टर, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन, एनर्जी और सर्विस सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

NVIDIA सीईओ का कहना है कि आने वाले वर्षों में AI डेटा सेंटर्स डिजिटल इकोनॉमी की रीढ़ बनेंगे। भारत, जहां बड़ी संख्या में टेक टैलेंट, मजबूत आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और तेजी से बढ़ता डिजिटल मार्केट मौजूद है, AI डेटा सेंटर्स के लिए एक ग्लोबल हब के रूप में उभर सकता है। इससे लाखों युवाओं को सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।

किन सेक्टरों में बढ़ेंगी नौकरियां?

AI डेटा सेंटर्स के विस्तार से सबसे ज्यादा फायदा आईटी और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग सेक्टर को होगा। AI मॉडल डेवलपमेंट, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और क्लाउड मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में स्किल्ड प्रोफेशनल्स की मांग तेजी से बढ़ेगी। इसके अलावा, हार्डवेयर डिजाइन, चिप इंजीनियरिंग और सिस्टम मेंटेनेंस से जुड़े रोल्स में भी रोजगार के नए मौके खुलेंगे।

सिर्फ टेक सेक्टर ही नहीं, बल्कि कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट को भी इसका फायदा मिलेगा। बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर्स के निर्माण से इंजीनियरों, टेक्नीशियनों और सपोर्ट स्टाफ की जरूरत बढ़ेगी। साथ ही, एनर्जी सेक्टर में भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे, क्योंकि AI डेटा सेंटर्स को बड़े स्तर पर बिजली और कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता होती है।

भारत क्यों बन सकता है AI डेटा सेंटर हब?

NVIDIA सीईओ के अनुसार, भारत के पास तीन बड़ी ताकतें हैं—युवा आबादी, मजबूत आईटी इकोसिस्टम और सरकार की डिजिटल-फ्रेंडली नीतियां। “डिजिटल इंडिया”, “मेक इन इंडिया” और सेमीकंडक्टर मिशन जैसी पहलें भारत को AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के लिए आकर्षक डेस्टिनेशन बना रही हैं।

इसके अलावा, भारत में AI स्टार्टअप्स और ग्लोबल टेक कंपनियों की बढ़ती मौजूदगी भी इस सेक्टर को गति दे रही है। कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां पहले ही भारत में अपने डेटा सेंटर्स और AI रिसर्च हब स्थापित करने की योजना बना रही हैं।

युवाओं के लिए क्या है संदेश?

विशेषज्ञों का मानना है कि AI डेटा सेंटर्स के बढ़ने से स्किल्ड टैलेंट की मांग कई गुना बढ़ेगी। ऐसे में युवाओं के लिए AI, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और क्लाउड टेक्नोलॉजी में स्किल अपग्रेड करना बेहद जरूरी होगा।

कुल मिलाकर, NVIDIA सीईओ का यह बयान भारत के रोजगार बाजार के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। अगर योजनाएं सही दिशा में आगे बढ़ीं, तो AI डेटा सेंटर्स भारत में न सिर्फ टेक्नोलॉजी का भविष्य बदलेंगे, बल्कि रोजगार के नए सुनहरे दौर की भी शुरुआत कर सकते हैं।

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