Narendra Modi ने दिया निवेश का न्योता, Mukesh Ambani बोले– और सस्ता एआई बनाएंगे


 AI Impact Summit में आज का दिन भारत के लिए बेहद अहम रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक टेक दिग्गजों, राष्ट्राध्यक्षों और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों को संबोधित करते हुए भारत में निवेश का खुला न्योता दिया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और एआई के क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

 पीएम मोदी का निवेश आमंत्रण

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भारत की युवा आबादी, तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर एआई निवेश के लिए आदर्श वातावरण तैयार करते हैं। उन्होंने टेक कंपनियों से आह्वान किया कि वे भारत को केवल बाजार के रूप में नहीं, बल्कि इनोवेशन हब के रूप में देखें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार एआई के जिम्मेदार और मानव-केंद्रित विकास के लिए नीतिगत समर्थन दे रही है। उन्होंने देश की युवा प्रतिभा की जमकर सराहना करते हुए कहा कि भारतीय इंजीनियर, डेवलपर्स और रिसर्चर वैश्विक तकनीकी बदलाव में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

 अंबानी का बड़ा ऐलान: सस्ता और सुलभ एआई

समिट में उद्योग जगत की ओर से बोलते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत में एआई को और सस्ता व सुलभ बनाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि तकनीक केवल बड़े कॉर्पोरेट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि छोटे व्यवसायों, किसानों, छात्रों और स्टार्टअप्स तक पहुंचेगी।

अंबानी ने कहा कि भारत का लक्ष्य “AI for All” होना चाहिए। इसके लिए अत्याधुनिक डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर और किफायती एआई सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। उनका मानना है कि लागत कम करके ही एआई का लोकतंत्रीकरण संभव है।

 वैश्विक सहयोग पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को भी कई राष्ट्राध्यक्षों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। उन्होंने टेक वर्ल्ड के प्रमुख नेताओं के साथ चर्चा में एआई, साइबर सुरक्षा और डिजिटल गवर्नेंस जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की बात कही।

उन्होंने कहा कि एआई में बड़े बदलाव की ताकत है, लेकिन इसका विकास जिम्मेदारी और नैतिक ढांचे के साथ होना चाहिए। भारत इस दिशा में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

AI Impact Summit के मंच से साफ संदेश गया है कि भारत एआई क्रांति में अग्रणी बनने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है—जहां निवेश, नवाचार और समावेशी विकास को समान प्राथमिकता दी जा रही है।

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