AI Impact Summit में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को लेकर भारत का स्पष्ट और मूल्य-आधारित दृष्टिकोण दुनिया के सामने रखा। अपने संबोधन में उन्होंने ‘M.A.N.A.V.’ विजन पेश किया और कहा कि एआई का विकास केवल तकनीकी प्रगति तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह नैतिक, जवाबदेह, समावेशी और मानव-केंद्रित होना अनिवार्य है।
M.A.N.A.V. का अर्थ क्या है?
प्रधानमंत्री ने बताया कि ‘M.A.N.A.V.’ का उद्देश्य एआई को मानवता के हित में ढालना है।
-
M – Moral (नैतिक): एआई का विकास नैतिक मूल्यों पर आधारित हो, ताकि इसका दुरुपयोग न हो।
-
A – Accountable (जवाबदेह): एआई सिस्टम पारदर्शी और जिम्मेदार हों, जिनकी जवाबदेही तय की जा सके।
-
N – National Sovereignty (राष्ट्रीय संप्रभुता): डेटा और डिजिटल ढांचे पर हर देश का अधिकार सुरक्षित रहे।
-
A – Accessible & Inclusive (सुलभ और समावेशी): एआई का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
-
V – Value-driven (मूल्य-आधारित): तकनीक का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना हो।
राष्ट्र की संप्रभुता पर विशेष जोर
पीएम मोदी ने कहा कि एआई के युग में डेटा ही नई शक्ति है। ऐसे में देशों को अपनी डिजिटल संप्रभुता और डेटा सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक सहयोग जरूरी है, लेकिन हर राष्ट्र के हित और संप्रभु अधिकारों का सम्मान भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
मानव-केंद्रित एआई की वकालत
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि एआई मानवता के लिए है, न कि मानव एआई के लिए। तकनीक का इस्तेमाल जीवन को आसान बनाने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने तथा आर्थिक अवसर बढ़ाने के लिए होना चाहिए। उन्होंने चेताया कि बिना नैतिक ढांचे के एआई असमानता और दुरुपयोग को बढ़ा सकता है।
वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका
पीएम मोदी ने कहा कि भारत जिम्मेदार एआई विकास में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बड़ी युवा आबादी और तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम एआई इनोवेशन के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।
AI Impact Summit में प्रस्तुत ‘M.A.N.A.V.’ विजन यह संदेश देता है कि भविष्य की तकनीक तभी सफल होगी, जब वह मानव मूल्यों, पारदर्शिता और राष्ट्रीय हितों के साथ संतुलित होगी।
0 टिप्पणियाँ